राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के भोजन में कमीशनखोरी और वित्तीय अनियमितता का बड़ा खुलासा
दिनांक: 9 जून, 2026
प्रकरण का संक्षिप्त विवरण
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) राजपुर में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में भारी धांधली का मामला सामने आया है। उपलब्ध शिकायत पत्र के अनुसार, अस्पताल प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए हैं।
आरोप और अनियमितताएँ
शिकायतकर्ता ने डॉ. रमेश जायसवाल (BMO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- कमीशन की माँग: आरोप है कि बीएमओ ने निविदा (टेंडर) प्राप्त समूहों से कमीशन की माँग की थी।
- नियमों का उल्लंघन: कमीशन न देने पर वैध निविदा प्राप्त समूहों को हटाकर, मनपसंद समूहों के साथ मिलीभगत कर भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
- गलत बिल और फर्जीवाड़ा: वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान गलत बिल और फर्जी वाउचर प्रस्तुत कर निजी समूहों को भुगतान करने का आरोप लगाया गया है।
- प्रशासनिक दबाव: पूर्व लेखापाल के स्थान रिक्त होने का फायदा उठाते हुए अस्पताल के कर्मचारियों पर दबाव बनाकर अनैतिक कार्यों को अंजाम दिया गया।
माँग और कार्यवाही की अपेक्षा
इस गंभीर मामले को लेकर जिला कलेक्टर से उच्चस्तरीय जाँच की माँग की गई है। शिकायत में निम्नलिखित प्रमुख माँगें की गई हैं:
- डॉ. रमेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त किया जाए ताकि जाँच निष्पक्ष हो सके।
- निविदा संबंधी समस्त दस्तावेजों, बिल-वाउचर, एनआईसी पोर्टल की जानकारी और मरीजों की पंजी को तत्काल प्रशासन अपने संरक्षण में ले।
- पूरे प्रकरण की गहन जाँच कर दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
यह मामला स्वास्थ्य सुविधाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जो सीधे तौर पर मरीजों के अधिकारों और सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का हनन है। स्थानीय प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगामी जाँच पर सबकी नजरें टिकी हैं।











