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अनार के दाने-दाने में छिपा है सेहत का खज़ाना, दिन में एक अनार खाने से फुर्र होंगी ये बीमारियां

अनार के दाने-दाने में छिपा है सेहत का खज़ाना, दिन में एक अनार खाने से फुर्र होंगी ये बीमारियां

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अनार सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना एक अनार खाने से खून बढ़ता है। यह दिल-दिमाग की सेहत को दुरुस्त करता है। अनार के पेड़ का हर एक भाग औषधि के काम आते है। अनार पूरे भारतवर्ष में पाया जाता है। अनार पक्का और मीठा आयुर्वेद के अनुसार सभी दोषों का नाश करता है। यह बलवर्धक है और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है, हृदय के लिए यह अमृत समान होता है। यह खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, उससे कई गुना ज्यादा यह हमारे शरीर को फायदा पहुंचाता है। अनार में विटामिन ए, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन डी, पोटैशियम पाया जाता है। अनार खाने से आपको सेहत से जुड़े क्या फायदे होंगे इस बारे में बता रहे हैं मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर अबरार मुल्तानी।
अनार के फल के छिलके शरीर से होने वाले रक्तस्त्राव को रोकते हैं इसलिए यह रक्त स्त्राव वाली समस्याओं जैसे कि ब्लीडिंग पाइल्स, महावारी में अधिक रक्त आना, ब्लीडिंग गम्स, नकसीर और ड़ेंगू जैसे रोगों में चूर्ण या काढ़े के रूप में दिया जाता है।
जिन लोगों को बहुत ज़्यादा बोलने का काम होता है जैसे कोई वक्ता, गायक या नेता तो उन्हें अपना स्वर सुधारने के लिए अनार रोज़ खाना चाहिए।
अनार के छिलके को सुखाकर पीसकर गुदा पर लगाने से गुदा का बाहर निकलना या प्रोलेप्स ऑफ रेक्टम में फायदा होता है।
अनार के फूलों की कलियों को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें, यह चूर्ण खांसी के लिए बहुत फायदेमंद है।
इसकी कलियों के चूर्ण से मसूड़ों पर मसाज करने से उनसे खून आना बंद हो जाता है।
कलियों के रस को नाक में टपकाने से नकसीर में आराम मिलता है।
अनार के फल को आग में भूनकर उसके रस को निकालकर उसमें अदरक का रस या थोड़ी सी सोंठ मिलाकर सोते समय लेने से नज़ला-सर्दी-ज़ुकाम खासकर एलर्जिक साइनोसाइटिस और राइनाइटिस में बहुत फायदा होता है।
अनार के पत्तों का चूर्ण आधा से एक चम्मच तक सुबह-शाम पानी से लेने से चर्म रोगों में बहुत लाभ होता है, दिल की धड़कन जो अनियंत्रित हो जाती हैं उसमें भी बहुत लाभ होता है।
मल में खून आने पर, अनार के फल के छिलके का काढ़ा बना लें, इसे पीने से मल में खून आना बंद हो जाता है।
पपीता के पत्तों और अनार के पत्तों के रस को मिलाकर लेने से प्लेटलेट काउंट बढ़ता है। इसलिए इन दोनों के रस को या इसमें गिलोय का रस भी मिलाकर लेने से डेंगू के रोगियों को बहुत आराम मिलता है।

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