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छत्तीसगढ़ में भगवान राम का 10 साल वनवास का बीता, छत्तीसगढ़ियों का प्रभु राम से भांचा का है रिश्ता : CM भूपेश बघेल

रायगढ़. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज रायगढ़ में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का शुभारंभ किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी में लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा, रायगढ़ साहित्य और संस्कृति की नगरी है. यह पुरातात्विक महत्व का भी शहर है. रायगढ़ की पहचान प्राचीन काल से है. रायगढ़ ऐतिहासिक नगर है.

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सीएम बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरा है. यह आदिवासियों की धरा है. भगवान राम छत्तीसगढ़ में आके भाँचा राम हो जाते हैं. भगवान राम वन जाते ही वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए. छत्तीसगढ़ में भगवान राम का 10 साल वनवास का बीता है. छत्तीसगढ़ियों का रिश्ता भगवान राम से भाँचा का है. राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ है. छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा में राम जन-जन में व्याप्त हैं.

सीएम ने कहा, रामायण महोत्सव की तरह ही हमने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन शुरू किया. बाद में अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में बदल गया, क्योंकि 26 देश के आदिवासी कलाकारों ने प्रस्तुति दी थी. इसी तरह राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इस भारत के बाहर दो देश के कलाकार महोत्सव में शामिल हुए हैं. आगे और देश के कलाकार आएंगे.

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भूपेश बघेल ने आगे कहा, छत्तीसगढ़ में रामनामी समुदाय है. जिनकी भी एक राम परंपरा है. पूरी दुनिया रामनामी जैसे राम भक्त नहीं मिलेंगे. रामनामियों के हर अंग प्रभु श्रीराम हैं. राम के सब हैं हम सब राम के हैं. माता शबरी के झूठे बेर खाने वाले राम ने हर वर्ग को गले लगाया है चाहे वो निषादराज हो, चाहे आदिवासी भाई हो. राम की संस्कृति को आगे बढ़ाने की कोशिश हमारी सरकार कर रही है. राम पग-पग में हैं, राम अंग-अंग में हैं. राम जीवन के संस्कार में बसे हैं.

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा राष्ट्रीय रामायण महोत्सव

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में आज से शुरू राष्ट्रीय रामायण महोत्सव ट्विटर पर नंबर वन पर ट्रेंड कर रहा है. पूरे देश में अपनी तरह का अनोखा आयोजन लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा.

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

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