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पर्यावरण को बचाने, संवारने और किसानों की आय बढ़ाने का संकल्प: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

धान के बदले वृक्षारोपण करने वाले किसानों को तीन वर्षों तक प्रति एकड़ के मान से मिलेगी 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि

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रायपुर, 06 जून 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करते हुए कहा कि हमने इसके जरिए पर्यावरण को बचाने एवं संवारने के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का संकल्प लिया है। सभी की भागीदारी से हम इस संकल्प को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत फलदार, ईमारती, गैर-ईमारती एवं औषधीय पौधों के रोपण के लिए लोगों को प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
बघेल ने इस अवसर पर सभी से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करने और लोगों को पौधे लगाने तथा उसकी सुरक्षा के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने की बात कही। मुुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार राज्य में वृक्षारोपण अभियान को वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के रूप में संचालित किया जा रहा हैै। इसमें अधिक जनभागीदारी होने से वृक्षारोपण की सफलता की गारंटी भी अधिक होगी।
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना एक क्रांतिकारी योजना साबित होगी। इस योजना के जरिए वन विभाग के सहयोग से निजी भूमि में भी वृक्षारोपण किया जाएगा। उन्होंने इस योजना के प्रावधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि इसके तहत लगाए गए पेड़ों की कटाई और परिवहन के नियम सरल कर दिए गए हैं। किसानों को अपने खेतों में लगाए गए पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सिर्फ विभाग को सूचना देनी होगी। परिवहन के लिए पास की आवश्यकता को भी समाप्त कर दिया गया है।
कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव चिंतामणी महाराज, रश्मि आशीष सिंह, विनोद चंद्राकार, शिशुपाल सोरी, सांसद दीपक बैज, मोहन मण्डावी और अरूण साव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी एवं किसानों ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना की सराहना की और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यावरण और किसानों की स्थिति बेहतर होगी। उन्हांेने इसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक अनूठी पहल कहा। इस मौके पर कई किसानों ने धान के बदले फलदार वृक्षों के रोपण अपनाने की बात कही। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किए जाने से लोगों में वृक्षारोपण और उसकी सुरक्षा को लेकर जागृति आएगी। वृक्षारोपण से लोगों की आय बढ़ेगी।
बस्तर और सरगुजा अंचल के जनप्रतिनिधियों का कहना था कि इससे वनांचल के लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। जिला पंचायत महासमुन्द की अध्यक्ष ऊषा पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत वृक्षारोपण को अपनाने के लिए क्षेत्र के कई किसान अपने धनहा खेत को फिर से टिकरा के रूप में तब्दील कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से किसानों को अच्छी वेरायटी के फलदार पौधे उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि किसानों को इससे अच्छी आय प्राप्त हो सके। उपाध्यक्ष श्री लक्ष्मण पटेल ने ग्रामीणों और किसानों की समृद्धि और खुशहाली के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वृक्षारोपण की यह योजना भी ग्रामीणों और किसानों के जीवन में खुशहाली लाएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बस्तर के ग्राम कोहकीमारी, डिलमिली और करपावण्ड बलरामपुर जिले के ग्राम भेलईखुर्द, कांकेर जिले के ग्राम कुलगांव, महासमुन्द जिले के ग्राम मुंगईमाता, बिलासपुर में अरपा नदी के तट पर स्थित ग्राम सेंदरी, कवर्धा जिले के ग्राम लोहझरी में वन प्रबंधन समितियों, किसानों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के फलदार वृक्षों के रोपण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी और विनोद वर्मा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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