Advertisement

रेत से भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर माता सीता ने की थी पूजा अर्चना

रेत से भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर माता सीता ने की थी पूजा अर्चना
त्रिवेणी संगम के बीच स्थित है भगवान कुलेश्वनाथ महादेव का मंदिर
राजिम। राजिम कुंभ कल्प के संगम तट पर पैरी, सोढ़ूर और महानदी का संगम है। नदी के बीच में भगवान शिव का विशाल मंदिर है, जिसे श्री कुलेश्वनाथ महादेव के नाम से ख्याति प्राप्त है। कहा जाता है कि वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के साथ यहीं पर स्थित लोमष ऋषि के आश्रम के कुछ दिन गुजारे थे। उसी दौरान माता सीता ने नदी की रेत से भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा अर्चना की थी। तभी से इस शिवलिंग को कुलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।
इस खुरदुरे शिवलिंग को माता सीता ने अपने हाथों से बनाया था, जिसके निशान होने की बात जन मानस में प्रचलित है। चूंकि यह शिवलिंग क्षरण के कारण अपना मूल स्वरूप शनैः शनै खोता जा रहा है, इसलिए इस शिवलिंग की सुरक्षा के लिए ऊपर से जाली लगाकर शिवलिंग को ढक दिया गया है। ताकि शिव भक्तों द्वारा पूजा अर्चना में उपयोग किए जाने वाले वस्तुओं से शिवलिंग की सुरक्षा की जा सकें।
भगवान श्री कुलेश्वनाथ को लेकर मान्यता है कि बरसात के दिनों में कीतनी भी बाढ़ आ जाए। यह मंदिर डूबता नहीं है। कहा जाता है बाढ़ से घिर जाने के बाद नदी के दूसरे किनारे पर बने मामा-भांचा मंदिर को गुहार लगाते हैं कि मामा मैं डूब रहा है मुझे बचा लो। तब बाढ़ का पानी कुलेश्वरनाथ महादेव के चरण पखारने के बाद बाढ़ का स्तर स्वतः कम होने लगाता है। आज भी इस मान्यता को लोग कोई श्रद्धा से स्वीकाते हैं।
कहा तो यह भी जाता है कि राजिम के स्वर्ण तीर्थ घाट के समीप बने संत कवि स्व. पवन दीवान के आश्रम में स्थित प्राचीन मंदिर जिसमें एक गुफा भी है, जहां पर काली माता की मूर्ति विराज माना है। इस मंदिर से निकली सुरंग, सीधे कुलेश्वरनाथ मंदिर तक पहुंचती है। संभवतः बरसात के दिनों में पुजारी इसी सुरंग से होकर भगवान कुलेश्वर नाथ की पूजा अर्चना के लिए जाया करते होंगे। चूंकि अभी ये सुरंग बंद हो चुकी है। इस बात में कितनी सच्चाई है यह शोध का विषय हो सकता है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47