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ट्राइबल पॉपुलेशन इन द स्टेट‘ विषय पर हुआ वेबीनार छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का आयोजन

रायपुर, 26 जून 2021छत्तीसगढ़ विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा 26 जून को विज्ञान भवन रायपुर में महानिदेशक मुदित कुमार की अध्यक्षता में ‘‘टेक्नॉलॉजी ट्रान्सफर एण्ड एडाप्शन मेकेनिज्म पर ट्राइबल पॉपुलेशन इन द स्टेट‘‘ विषय पर वेबिनार का आयोजन हुआ। इस वेबीनार में डॉ. शालिनी सक्सेना, अध्यक्ष, प्रियांशी एजुकेशनल कल्चरल सोशल सोसायटी भोपाल मध्यप्रदेश, राम नरेन्द्र, अध्यक्ष प्रगति प्रयास सामाजिक सेवा संस्थान दंतेवाड़ा एवं वैज्ञानिक के. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

वेबीनार के प्रारंभ में मुदित कुमार सिंह महानिदेशक छत्तीसगढ़ विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी एवं रीजनल साईंस सेंटर ने अपने उद्बोधन में कम लागत और आसानी से अपनाई जाने वाली दीर्घ अवधि के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की आवश्यकता पर जोर दिया। के.एस. राव द्वारा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में परिषद द्वारा प्रदेश में लागू की गई प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, इसमें उत्पन्न होने वाली कठिनाईयां, प्रौद्योगिकी से लाभ आदि पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रदेश के आदिवासी इलाकों के लिए विभिन्न जन उपयोगी प्रौद्योगिकी की आवश्यकता, इनकी उपलब्धता, उपयोगिता तथा जिन्हें आदिवासी जन आसानी से अपना सकते, इसके बारे में विस्तार से बताया।

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आमंत्रित वक्ता डॉ. शालिनी सक्सेना, अध्यक्ष, प्रियांशी एजुकेशनल कल्चरल सोशल सोसायटी भोपाल मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य एवं मूल्यवर्धन के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश में इस संस्था के माध्यम से क्रियान्वित की गई विभिन्न योजनाओं विशेष कर आदिवासी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सेनेटरी नेपकीन की आवश्यकता एवं ग्रामीण स्तर पर इन्हें बनाये जाने की विधि पर जानकारी प्रदान की। आमंत्रित वक्ता एवं अध्यक्ष प्रगति प्रयास सामाजिक सेवा संस्थान दंतेवाड़ा श्री राम नरेन्द्र द्वारा परिषद के माध्यम से दंतेवाड़ा जिले में हस्तांतरित की गई वैज्ञानिक पद्धति से शहद प्रसंस्करण योजना के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने दंतेवाड़ा जिले में क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी विशेषकर मधु मक्खी पालन की वैज्ञानिक विधियां, जैविक खेती एवं अन्य योजनाओं के संबंध में की गई कार्यवाही एवं इन योजनाओं से इस क्षेत्र के आदिवासियों को हुए लाभ एवं इनकी भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में के. श्रीनिवास राव ने वेबीनार को सफल बनाने सहभागी रहे सभी लोगों का आभार जताया।

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