गरियाबंदछत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य

जिले की स्वयं सहायता समूहों द्वारा बड़ी संख्या में किया जा रहा राखी का निर्माण!

जिले की स्वयं सहायता समूहों द्वारा बड़ी संख्या में किया जा रहा राखी का निर्माण!

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)

समूहों द्वारा निर्मित राखियों से स्थानीय बाजार हो रहे गुलज़ार!

गरियाबंद/राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा गठित स्व सहायता समूहों के माध्यम से जिले में बड़ी संख्या में राखी का निर्माण किया जा रहा है। सीईओ जिला पंचायत श्रीमती रीता यादव के मार्गदर्शन व निर्देशन में लगातार समूह की दीदियों को राखी निर्माण हेतु प्रेरित किया जा रहा है। रक्षाबंधन के पावन त्यौहार को जहाँ दीदियां धूमधाम से मानती है, वही दूसरी ओर इसमे राखी बना कर अपने आजीविका को भी सुदृढ़ कर करती है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले की गरियाबंद, छुरा, मैनपुर व फिंगेश्वर विकासखण्ड के समूहों द्वारा स्थानीय व घरेलू सामग्रियों के साथ आकर्षक रक्षा सूत्रों को बना कर बाजारों में उपलब्ध करा रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में लगभग 50 हज़ार से ज्यादा राखियों का निर्माण कर समूह की दीदियां अच्छा आय अर्जित कर रही है। निर्मित राखियों की अधिकतम बिक्री संकुल संगठन व ग्राम संगठन की दीदियों के माध्यम से ही हो जा रही है। शेष राखियों को स्टॉल लगाकर व स्थानीय दुकानों के माध्यम से बिक्री की जा रही। राखियो का बड़ी मात्रा में निर्माण छुरा के संकरा संकुल के ग्राम कुरूद, चरौदा, रख्शा मैनपुर के गुरजीभाठा, फिंगेश्वर के तर्रा, गरियाबंद के मदनपुर, जोबा, धवलपुर, व कोचबाय संकुल अंतर्गत विशेष रूप से तैयार की जा रही है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

जिले में स्व सहायता समूह दीदियों के द्वारा रक्षाबंधन त्योहार के उपलक्ष्य में चावल, दाल, गेहूं, धान, स्टोन, पत्थर,मोती, अभ्रक, ऊन, खीरे के बीज, बांस, कलावा, रेशम, मौली धागा आदि का प्रयोग कर राखी निर्माण किया जा रहा है, जिसे स्थानीय मार्केट में ही विक्रय किया जा रहा है। आइए इस रक्षाबंधन पर्व पर हम समूह की दीदियों द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्मित रक्षासूत्रों राखियो का अधिक से अधिक उपयोग कर बहनों का आशीष व स्नेह प्राप्त करें। इस कार्य मे जिला व ब्लॉक की बिहान टीम लगातार सहयोग व समन्वय कर रही है।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!