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असम में विकास की रफ्तार तेज: 80,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से बदलेगा बुनियादी ढांचा

असम में विकास की रफ्तार तेज: 80,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से बदलेगा बुनियादी ढांचा

गुवाहाटी, 27 फरवरी: असम को नई बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि राज्य में 80,000 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। इन परियोजनाओं में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे एक सुरंग, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एलिवेटेड कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड जैसी प्रमुख संरचनाएँ शामिल हैं।

गडकरी ने ‘एडवांटेज असम 2.0 व्यापार शिखर सम्मेलन’ में सड़क, रेलवे और नदी अवसंरचना पर आयोजित एक सत्र को ऑनलाइन संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2029 तक उनके मंत्रालय के तहत असम में तीन लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में पहले से ही 60,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सुरंग: नुमालीगढ़ और धौलपुर को जोड़ने वाली यह 15,000 करोड़ रुपये की सुरंग पूर्वोत्तर में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। इस सुरंग से राज्य में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एलिवेटेड कॉरिडोर: पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 6,000 करोड़ रुपये की लागत से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

गुवाहाटी रिंग रोड: शहर के यातायात को सुगम बनाने के लिए गुवाहाटी रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स केंद्र: जोगीघोपा में लगभग पूरा हो चुका यह केंद्र जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। इससे राज्य में व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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असम में इन बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। संपर्क बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियाँ तेज होंगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को भी लाभ होगा। इसके अलावा, इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और राज्य के युवाओं को बड़ी संख्या में नौकरियां मिलेंगी।

गडकरी ने असम की प्राकृतिक संपदा, विशेष रूप से बांस आधारित उद्योग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बांस का उपयोग ईंधन निर्माण और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर किया जा सकता है।

नितिन गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के विकास में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि असम सरकार द्वारा मांगी गई लगभग सभी परियोजनाओं को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है।

गडकरी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए बुनियादी ढांचा सबसे जरूरी है। संपर्क में सुधार से अन्य क्षेत्रों को भी लाभ होगा, जिससे असम को एक व्यापारिक हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूंजी निवेश से ही रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

असम के नागरिकों, व्यापारियों और पर्यावरणविदों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। राज्य में बढ़ते निवेश को लेकर उद्योगपति भी उत्साहित हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह परियोजनाएँ असम के आर्थिक परिदृश्य को बदल देंगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि संपर्क में सुधार से पर्यटन और व्यापार को बड़ा फायदा होगा।

असम में 80,000 करोड़ रुपये की इन नई सड़क परियोजनाओं के साथ राज्य को आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण बढ़त मिलेगी। इससे न केवल आवागमन बेहतर होगा बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। पूर्वोत्तर के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार का यह प्रयास आने वाले वर्षों में असम को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है।

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