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छत्तीसगढ़ में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, जून 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।

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खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

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