छत्तीसगढ़ के जशपुर में 58 साल की हरावती बाई की हत्या मामले में पुलिस ने बेटे और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हरावती बाई के बेटे का पड़ोस में रहने वाली महिला श्यामपति बाई के साथ अफेयर था। वहीं, जमीन को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
इस बात को लेकर हुए झगड़े में श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमति बाई ने गला दबाकर हरावती बाई की हत्या कर दी। वारदात के बाद श्यामपति ने अपने प्रेमी को उसकी मां की हत्या की जानकारी दी और चुप रहने के लिए कहा।
इसके बाद आरोपियों ने शव को कई दिनों तक घर में छिपाकर रखा, जब शव से बदबू आने लगी और मामला खुलने का डर सताने लगा तो रात में शव को घर से निकालकर पास में बन रहे आंगनबाड़ी भवन के पास ले गए और रेत में दफना दिया।
इस मामले में पुलिस ने रविवार को हरावती बाई के बेटे समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला दोकड़ा चौकी इलाके का है।
अब जानिए पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, हरावती बाई (58) अपने बेटे भूषण राम (29) के साथ बंदरचुआ रौतियाबस्ती में रह रही थी। हरावती का पड़ोस में रहने वाली श्यामपति बाई (42) के साथ जमीन विवाद था। जमीन को लेकर आए दिन दोनों में विवाद होता रहता था। वहीं, भूषण राम का श्यामपति बाई के साथ पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था।
24 जुलाई 2026 की रात एक बार फिर हरावती और श्यामपति बाई के बीच जमीन को लेकर झगड़ा हुआ। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि श्यामपति बाई और उसकी मां बुधमति बाई ने मिलकर हरावती बाई की गला दबाकर हत्या कर दी।
अगले दिन जब भूषण राम को इस घटना की जानकारी मिली तो दोनों महिलाओं ने उसे किसी से भी इस बारे में कुछ नहीं बताने के लिए कहा। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को कुछ दिनों तक घर के अंदर ही छिपाकर रखा।
कुछ दिन बाद शव से बदबू आने लगी तो तीनों को राज खुलने का डर सताने लगा। इसके बाद भूषण राम, श्यामपति बाई और बुधमति बाई ने रात के अंधेरे में शव को घर से बाहर निकाला। फिर पास में बन रहे आंगनबाड़ी भवन के पास गड्ढा खोदकर शव को रेत में दफना दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।















