ग्राम बरियों में महतारी सदन का भव्य लोकार्पण: सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने ग्रामीणों को सौंपी सौगात; वृक्षारोपण और स्वच्छता श्रमदान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
1. ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र: ‘महतारी सदन’
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी विधानसभा अंतर्गत आने वाले ग्राम बरियों में विकास की एक नई इबारत लिखी गई। सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा की गरिमामयी उपस्थिति में नवनिर्मित ‘महतारी सदन’ का लोकार्पण संपन्न हुआ। इस भवन के समर्पित होने से क्षेत्र की महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से सशक्त होने का एक स्थायी मंच प्राप्त हुआ है।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती पैकरा ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के पास सामूहिक गतिविधियों और बैठकों के लिए एक व्यवस्थित स्थान का अभाव रहता था। महतारी सदन केवल एक संरचनात्मक भवन नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन, आपसी विचार-विमर्श और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सामुदायिक सुविधाएं प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा।
महतारी सदन से मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं एवं लाभ:
- महिला स्व-सहायता समूहों की बैठकें: ग्रामीण स्तर पर गठित महिला समूहों को अपने कुटीर उद्योग, बचत योजनाओं और आजीविका गतिविधियों की रूपरेखा तय करने के लिए एक सुरक्षित स्थान मिलेगा।
- कौशल विकास एवं प्रशिक्षण: सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, डिजिटल साक्षरता और अन्य आजीविका संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन इसी परिसर में किया जाएगा।
- स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता केंद्र: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और पोषण से संबंधित परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- सामाजिक और सामुदायिक आयोजन: गांव की परंपराओं, उत्सवों और महिला सम्मेलनों के आयोजन के लिए महतारी सदन एक सर्वसुविधायुक्त मंच का काम करेगा।
2. पर्यावरण संरक्षण का संकल्प: “एक पेड़ मां के नाम”
कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा ने देशव्यापी जन-अभियान “एक पेड़ मां के नाम” के तहत महतारी सदन परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने एक छायादार एवं फलदार पौधा लगाकर अपनी मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
वृक्षारोपण के उपरांत जनसमुदाय को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा:
“मां हमें जीवन देती है और प्रकृति उस जीवन का पालन-पोषण करती है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान हमारी मां और धरती माता दोनों के प्रति सम्मान प्रकट करने का सर्वोत्तम माध्यम है। पौधे केवल लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि जब तक वे विशाल वृक्ष न बन जाएं, उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी हमारा नैतिक कर्तव्य है।”
उन्होंने आगे कहा कि बलरामपुर का वनांचल प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, लेकिन बदलते जलवायु चक्र को देखते हुए हर नागरिक को अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
3. स्वच्छता ही सेवा: छठ घाट पर सामूहिक श्रमदान
कार्यक्रम के दूसरे चरण में ‘सेवा संकल्प अभियान 2026’ के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा’ गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत ग्राम बरियों स्थित स्थानीय छठ घाट पर एक वृहद सफाई अभियान चलाया गया।
सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा ने स्वयं हाथ में झाड़ू थामकर और कचरा उठाकर श्रमदान की शुरुआत की। उनके इस कदम से प्रेरित होकर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने छठ घाट परिसर की गहन सफाई की। घाट के आसपास फैली प्लास्टिक, खरपतवार और सूखे कचरे को एकत्रित कर निस्तारित किया गया।
सार्वजनिक स्वच्छता का संदेश
विधायक ने कहा कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थल हमारे साझा गौरव के प्रतीक हैं। इनकी स्वच्छता बनाए रखना केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही स्वच्छता एक जन-आंदोलन का रूप ले सकती है।
दैनिक जीवन में स्वच्छता
श्रमदान के पश्चात उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने अपने घरों के आसपास सफाई रखने, प्लास्टिक का उपयोग सीमित करने और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
4. जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
ग्राम बरियों में आयोजित इस बहुआयामी कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, पंचायती राज संस्थाओं के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
- स्थानीय जनप्रतिनिधि: जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, बरियों ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच गण।
- प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी: जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, ग्रामीण विकास विभाग के अभियंता एवं पंचायत सचिव।
- सामुदायिक सहभागिता: स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, युवा क्लबों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीणजन।
5. विकास एवं सामाजिक चेतना का समन्वित प्रयास
बरियों का यह आयोजन बुनियादी ढांचे के विकास (महतारी सदन), पर्यावरण चेतना (“एक पेड़ मां के नाम”) और नागरिक कर्तव्यों (“स्वच्छता ही सेवा”) का एक अनुपम उदाहरण बनकर उभरा। स्थानीय ग्रामीणों ने महतारी सदन की सौगात के लिए विधायक और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और स्वच्छता संकल्प के साथ हुआ, जिसके बाद विधायक ने ग्रामवासियों की स्थानीय समस्याओं को सुना और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।













