आज का पंचांग: 5 अक्टूबर 2026, सोमवार
5 अक्टूबर 2026: दैनिक पंचांग एवं ज्योतिषीय विश्लेषण
वैदिक ज्योतिष और भारतीय काल-गणना में पंचांग का अत्यंत विशिष्ट स्थान है। ‘पंचांग’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘पंच’ (पाँच) और ‘अंग’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है काल-गणना के पाँच मुख्य घटक—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। सनातन परंपरा में किसी भी मांगलिक कार्य, देव-पूजन, यात्रा, व्यापार आरंभ या गृह-प्रवेश से पूर्व पंचांग की सहायता से शुभ समय और ग्रहों की स्थिति का आकलन करना अनिवार्य माना जाता है। सही मुहूर्त में शुरू किए गए कार्य में विघ्न न्यूनतम होते हैं तथा सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
आज 5 अक्टूबर 2026, दिन सोमवार है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि विद्यमान है। आज पितृ पक्ष की दशमी तिथि का श्राद्ध भी संपन्न किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आज का दिन पुष्य नक्षत्र तथा शिव योग के दिव्य प्रभाव से युक्त है। भगवान शिव और चंद्रदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
आज के पंचांग के मुख्य घटक (Main Components)
| पंचांग अंग | विवरण / समय |
|---|---|
| दिनांक | 5 अक्टूबर 2026 (5 October 2026) |
| वार | सोमवार (Monday) |
| तिथि | आश्विन कृष्ण दशमी |
| नक्षत्र | पुष्य नक्षत्र (रात 11:10 बजे तक) |
| योग | शिव योग (प्रातः 09:51 बजे तक), तत्पश्चात सिद्ध योग |
| करण | वणिज (दोपहर 03:01 बजे तक), तत्पश्चात विष्टि (भद्रा) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | शरद ऋतु |
| अयन | दक्षिणायन |
संवत एवं काल-गणना (Hindu Samvat & Calendar)
हिंदू काल-गणना में संवत्सर का अत्यंत महत्व है। वर्तमान में विक्रम संवत 2083 चल रहा है। समय के सूक्ष्म आकलन के लिए प्रविष्टे और कलि संवत का भी उपयोग किया जाता है।
| विक्रम संवत | 2083 (पराभव संवत्सर) |
| शक संवत | 1948 |
| कलि संवत | 5127 |
| पूर्णिमांत मास | आश्विन |
| अमांत मास | भाद्रपद |
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Sun & Moon Timings)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय दैनिक अनुष्ठानों, संध्योपासन तथा व्रत-पारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। चंद्रमा का प्रभाव व्यक्ति के मन और मानसिक स्थिति पर सीधा पड़ता है।
| घटना | समय (New Delhi) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:15 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायंकाल 06:02 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | रात्रि 01:45 बजे (6 अक्टूबर तड़के) |
| चंद्रास्त (Moonset) | दोपहर 03:09 बजे |
| सूर्य राशि | कन्या राशि (हस्त नक्षत्र में) |
| चंद्र राशि | कर्क राशि (अहोरात्र) |
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य, व्यापारिक सौदे, या यात्राएं शुभ फल प्रदान करती हैं। अभिजीत मुहूर्त दिन का सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:45 बजे से 12:32 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम)
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:38 बजे से 05:26 बजे तक (पूजा-पाठ व ध्यान के लिए)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:08 बजे से 02:55 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायंकाल 06:02 बजे से 06:26 बजे तक
- अमृत काल: प्रातः 05:32 बजे से 07:04 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 11:45 बजे से 12:34 बजे तक
आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय में नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से राहुकाल में कोई भी नया या मांगलिक कार्य प्रारंभ न करने की सलाह दी जाती है।
| अशुभ समय | समयावधि |
|---|---|
| राहुकाल (Rahu Kalam) | प्रातः 07:44 बजे से 09:12 बजे तक |
| यमगंड (Yamaganda) | दोपहर 10:41 बजे से 12:09 बजे तक |
| गुलिक काल (Gulika Kaal) | दोपहर 01:37 बजे से 03:05 बजे तक |
| दुष्टमुहूर्त / कंटक | दोपहर 12:32 बजे से 01:19 बजे तक |
| भद्रा (विष्टि करण) | दोपहर 03:01 बजे से रात्रि 02:09 बजे तक |
आज का दिन एवं रात्रि का चौघड़िया (Day & Night Choghadiya)
यात्रा या किसी आकस्मिक कार्य के लिए चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है। शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं।
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| चौघड़िया प्रकार | प्रकृति | समयावधि |
|---|---|---|
| अमृत | श्रेष्ठ | 06:15 AM – 07:44 AM |
| काल | अशुभ (राहुकाल) | 07:44 AM – 09:12 AM |
| शुभ | शुभ | 09:12 AM – 10:41 AM |
| रोग | अशुभ | 10:41 AM – 12:09 PM |
| उद्वेग | अशुभ | 12:09 PM – 01:37 PM |
| चर | सामान्य | 01:37 PM – 03:05 PM |
| लाभ | शुभ | 03:05 PM – 04:34 PM |
| अमृत | श्रेष्ठ | 04:34 PM – 06:02 PM |
रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya)
| चौघड़िया प्रकार | प्रकृति | समयावधि |
|---|---|---|
| चर | सामान्य | 06:02 PM – 07:34 PM |
| रोग | अशुभ | 07:34 PM – 09:05 PM |
| काल | अशुभ | 09:05 PM – 10:37 PM |
| लाभ | शुभ | 10:37 PM – 12:09 AM |
| उद्वेग | अशुभ | 12:09 AM – 01:41 AM |
| शुभ | शुभ | 01:41 AM – 03:12 AM |
| अमृत | श्रेष्ठ | 03:12 AM – 04:44 AM |
| चर | सामान्य | 04:44 AM – 06:15 AM |
ग्रहों की स्थिति एवं गोचर (Planetary Positions)
सूर्योदय के समय आकाश में मुख्य ग्रहों की स्थिति इस प्रकार रहेगी:
| ग्रह | राशि | नक्षत्र |
|---|---|---|
| सूर्य | कन्या राशि | हस्त नक्षत्र |
| चंद्रमा | कर्क राशि | पुष्य नक्षत्र |
| मंगल | कर्क राशि | पुष्य नक्षत्र |
| बुध | तुला राशि | स्वाति नक्षत्र |
| बृहस्पति (गुरु) | कर्क राशि (उच्च) | आश्लेषा नक्षत्र |
| शुक्र | तुला राशि (स्वराशि) | स्वाति नक्षत्र |
| शनि | मीन राशि | रेवती नक्षत्र |
| राहु | कुंभ राशि | धनिष्ठा नक्षत्र |
| केतु | सिंह राशि | मघा नक्षत्र |
दिशाशूल एवं निवारण (Disha Shool & Remedies)
आज का दिशाशूल: पूर्व दिशा (East)
विशेष ध्यान: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो, तो प्रस्थान से पूर्व दर्पण देखकर या दूध/दही का सेवन करके घर से निकलें। इससे दिशाशूल का प्रभाव कम हो जाता है।
आज का धार्मिक महत्व एवं विशेष उपाय
1. दशमी श्राद्ध (Pitru Paksha Dashami Shraddha)
आश्विन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि होने के कारण आज उन पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी माह की दशमी तिथि को हुई हो। आज के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
2. पुष्य नक्षत्र एवं शिव योग का दुर्लभ संयोग
पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा (नक्षत्रराज) माना जाता है। सोमवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग होने से यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों, शिव-अभिषेक तथा तंत्र-मंत्र साधना के लिए अत्यंत फलदायी बन जाता है।
सोमवार के विशेष उपाय:
- शिवलिंग पर जलाभिषेक: प्रातःकाल स्नान के पश्चात तांबे के लोटे में जल, कच्चा दूध और अक्षत मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
- महामृत्युंजय मंत्र: आज के दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करने से मानसिक तनाव दूर होता है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- सफेद वस्तुओं का दान: सोमवार के दिन चावल, दूध, मिश्री या सफेद वस्त्र का दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।
















