सरगुजा में इंडिया गठबंधन का “लोकतंत्र बचाओ” आंदोलन: 8 अक्टूबर को निकलेगी विशाल संयुक्त रैली, राजीव भवन में साझा प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार व चुनाव आयोग पर बोला तीखा हमला
प्रमुख बिंदु (News Highlights):
- 30 सितंबर के निर्णयों का परिपालन: इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय व प्रांतीय आह्वान के परिपालन में सरगुजा जिले में गठबंधन दलों की महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न।
- 8 अक्टूबर को जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन: घड़ी चौक से शुरू होकर गांधी चौक पर समाप्त होगी विशाल संयुक्त रैली।
- चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप: पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत व गठबंधन नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया।
- संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ: रैली के समापन पर वयस्क मताधिकार की रक्षा हेतु अनुच्छेद 326 का पाठ किया जाएगा एवं राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- लेखा परीक्षा (Audit) की मांग: कांग्रेस नेता राजेंद्र बहादुर सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के निष्पक्ष ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
अंबिकापुर (सरगुजा): देश में लोकतंत्र की रक्षा, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता की बहाली और चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के विरोध में इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन ने जमीनी स्तर पर अपने संघर्ष को तेज कर दिया है। गत 30 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों के परिपालन में आज सरगुजा जिले में सक्रिय गठबंधन के प्रमुख घटक दलों ने एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की।
अंबिकापुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय “राजीव भवन” में आयोजित इस संयुक्त बैठक में सरगुजा जिले में सक्रिय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीबीआई) के वरिष्ठ नेताओं व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में “लोकतंत्र बचाओ” आंदोलन के अंतर्गत जिला स्तरीय रणनीतियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक के उपरांत गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) को संबोधित करते हुए केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार हमला बोला तथा 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय संयुक्त रैली की रूपरेखा सार्वजनिक की।
संयुक्त बैठक एवं प्रेसवार्ता में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी
राजीव भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों की मजबूत एकजुटता देखने को मिली। इस संयुक्त बैठक एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिले के प्रमुख नेताओं ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई:
| नेता / प्रतिनिधि का नाम | पद / पार्टी संबद्धता | बैठक में भूमिका |
|---|---|---|
| बालकृष्ण पाठक | जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा | संयोजक व मुख्य वक्ता |
| अमरजीत भगत | पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन | मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता |
| कामरेड सी. पी. शुक्ला | वरिष्ठ प्रतिनिधि, सीपीएम (CPI-M) | गठबंधन सहयोगी व वक्ता |
| कामरेड अनिल द्विवेदी | वरिष्ठ प्रतिनिधि, सीपीआई (CPI) | गठबंधन सहयोगी व वक्ता |
| जे. पी. श्रीवास्तव | उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) | रणनीतिक मार्गदर्शक |
| द्वितेंद्र मिश्रा | महामंत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) | संगठनात्मक समन्वय |
| राजेंद्र बहादुर सिंह | वरिष्ठ कांग्रेस नेता | प्रेसवार्ता वक्ता |
इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गठबंधन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से संजय विश्वकर्मा, डॉ. लालचंद यादव, लक्ष्मी गुप्ता, एवं नीतीश चौरसिया शामिल थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला: “ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं” – अमरजीत भगत
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को प्रमुखता से संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था अब निष्पक्ष नहीं रह गई है और उसका संचालन पूरी तरह से सत्तारूढ़ दल की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
— अमरजीत भगत (पूर्व कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़)
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने गंभीर आरोप लगाते हुए आगे कहा, “वास्तव में ज्ञानेश कुमार भाजपा के एक ऐसे एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं जो भाजपा की मनमर्जी और रणनीतिक निर्देशानुसार मतदाता सूचियां तैयार कर रहे हैं। देश और राज्यों में अभूतपूर्व एंटी-इंकमबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) होने के बावजूद अगर भाजपा लगातार छल-बल से सत्ता में बनी हुई है, तो इसका एकमात्र और सबसे बड़ा कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके द्वारा संचालित पक्षपातपूर्ण व्यवस्था है।”
वामपंथी दलों का तीखा प्रहार: “संवैधानिक कार्य नहीं, आपराधिक कार्य कर रहा है आयोग”
प्रेसवार्ता के दौरान वामपंथी दलों के प्रतिनिधियों ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की सांठगांठ पर कड़ा विरोध व्यक्त किया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के वरिष्ठ प्रतिनिधि कामरेड सी. पी. शुक्ला ने कहा कि भारत का वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य केवल देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरे वैश्विक लोकतांत्रिक जगत के लिए अभूतपूर्व और चिंताजनक है।
— कामरेड सी. पी. शुक्ला (प्रतिनिधि, सीपीएम)
इसी क्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के प्रतिनिधि कामरेड अनिल द्विवेदी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं का क्रमिक अवमूल्यन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “स्वायत्त निकाय कहे जाने वाले चुनाव आयोग को सत्ताधारी दल ने पूरी तरह से हाईजैक कर लिया है। वास्तव में भारतीय जनता पार्टी का अंतिम प्रयास देश के पूरे लोकतंत्र को ही हाईजैक करके एकदलीय तानाशाही स्थापित करना है, और इस दिशा में वे कई कदम आगे बढ़ चुके हैं। इंडिया गठबंधन इस तानाशाही योजना को कभी सफल नहीं होने देगा।”
चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली के ऑडिट और कड़े एक्शन की मांग
वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र बहादुर सिंह ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से बात नहीं बनेगी, बल्कि संस्थागत जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
राजेंद्र बहादुर सिंह ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही, विगत कुछ वर्षों के दौरान चुनाव आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों और उसकी पूरी कार्यप्रणाली का एक स्वतंत्र और निष्पक्ष ऑडिट (लेखा परीक्षा) होना चाहिए। इस ऑडिट में जो भी अनियमितताएं और धांधलियां सामने आती हैं, उनके दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी संवैधानिक पद पर बैठकर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ न कर सके।”
8 अक्टूबर को सरगुजा में गठबंधन की विशाल “लोकतंत्र बचाओ रैली”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम चरण में संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए रणनीतिक निर्णयों की जानकारी देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले वृहद आंदोलन की घोषणा की।
बालकृष्ण पाठक ने बताया कि सरगुजा जिले में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के रूप में कांग्रेस, सीपीआई और सीपीएम पूर्ण समन्वय और एकजुटता के साथ सक्रिय हैं। गठबंधन के नेताओं के बीच हुई सकारात्मक और गहन चर्चा के बाद 8 अक्टूबर के जिला स्तरीय आंदोलन की संपूर्ण रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
8 अक्टूबर – आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम एवं रूट चार्ट:
राजनीतिक निहितार्थ और भावी रणनीति
सरगुजा में इंडिया गठबंधन की यह एकजुटता और आगामी 8 अक्टूबर की रैली केवल एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में आने वाले राजनीतिक रुझानों का एक स्पष्ट संकेत है। मुख्य चुनाव आयोग पर सीधे हमले करके गठबंधन ने चुनावी निष्पक्षता के मुद्दे को सीधे जनता के बीच ले जाने का मन बना लिया है।
गठबंधन के नेताओं का मानना है कि संविधान का अनुच्छेद 326 भारत के हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष रूप से वोट देने का अधिकार प्रदान करता है। यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी करके या प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग करके इस अधिकार को छीनने का प्रयास किया जाएगा, तो इंडिया गठबंधन सड़क पर उतरकर जनता की आवाज बनेगा। राजीव भवन से शुरू हुआ यह संयुक्त आंदोलन 8 अक्टूबर की रैली के माध्यम से पूरे सरगुजा संभाग में लोकतंत्र की रक्षा का एक नया संदेश देने की तैयारी में है।













