छत्तीसगढ़: वानिकी के विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक निर्णय, एसीएफ और रेंज अफसर भर्ती में 50% आरक्षण पर वन मंत्री केदार कश्यप का हुआ भव्य अभिनंदन
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के वानिकी (Forestry) के विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस अभूतपूर्व फैसले से प्रदेश के वानिकी युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल गए हैं। सरकार के इस कदम से गदगद वानिकी विभाग के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट करते हुए उनका आत्मीयता के साथ भव्य सम्मान किया।
यह विशेष आयोजन बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर स्थित शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से उत्साह, उमंग और उल्लास से भरा हुआ था, जहां युवाओं ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के पूर्ण होने पर खुशी का इजहार किया।
वानिकी के विद्यार्थियों के भविष्य को मिली एक नई दिशा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन ने वानिकी विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे और विशेषज्ञता हासिल करने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने राज्य में सहायक वन संरक्षक (ACF – Assistant Conservator of Forests) और वन परिक्षेत्र अधिकारी (RO – Range Forest Officer) के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती परीक्षाओं में वानिकी के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रावधान किया है।
मुख्य बिंदु: सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन परिक्षेत्र अधिकारी (RO) की सीधी भर्तियों में वानिकी स्नातकों के लिए 50% सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे इस विषय को पढ़ने वाले युवाओं को प्रशासनिक सेवा में सीधे तौर पर प्राथमिकता मिलेगी।
इस फैसले को लागू किए जाने के बाद से ही पूरे प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों विशेषकर शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वानिकी विभाग में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इसी कृतज्ञता को शब्दों और सम्मान के जरिए प्रकट करने के लिए शुक्रवार को महाविद्यालय के सभागार में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सम्मान समारोह में उमड़ी वानिकी छात्रों की भीड़
शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विमल कुमार रात्रे के मार्गदर्शन में विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विमल कुमार रात्रे एवं समस्त छात्र-छात्राओं को मंच पर आदरपूर्वक आमंत्रित किया गया।
मंच पर छात्र-छात्राओं और विभाग प्रमुख ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वन मंत्री श्री केदार कश्यप का पुष्पगुच्छ, शाल और श्रीफल भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। छात्र-छात्राओं के चेहरों पर एक नई उम्मीद और चमक साफ देखी जा सकती थी।
संवेदनशील नेतृत्व और विजनरी सोच का परिणाम
समारोह के दौरान अपने संबोधन में वक्ताओं और विद्यार्थियों ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप का नेतृत्व बेहद संवेदनशील और जमीनी हकीकत को समझने वाला है। उनके व्यक्तिगत प्रयासों और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के चलते ही वानिकी के छात्रों के करियर को एक सही और ठोस दिशा मिल सकी है।
विद्यार्थियों ने मंच से साझा किया कि यह मांग पिछले लंबे समय से प्रतीक्षित थी। कई वर्षों से वानिकी के छात्र अपने हक और भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन वर्तमान सरकार और वन मंत्री के नेतृत्व में इस बहुप्रतीक्षित मांग को अमलीजामा पहनाया गया। इससे न केवल छत्तीसगढ़ के वानिकी युवाओं में नया उत्साह जागा है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है कि तकनीकी डिग्रियों का वास्तविक लाभ उन्हें उनके अपने राज्य में मिलेगा.
“वानिकी के छात्रों की यह मांग लंबे समय से लंबित थी। राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से हमारे युवाओं की मेहनत और उनकी स्पेशलाइजेशन का वास्तविक सम्मान हुआ है। अब हमारे छात्र पूरी ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ के जंगलों, पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।” – प्रोफेसर विमल कुमार रात्रे, विभागाध्यक्ष, वानिकी विभाग
पर्यावरण और वन प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि सहायक वन संरक्षक और वन परिक्षेत्र अधिकारी के पदों पर वानिकी पृष्ठभूमि के युवाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से मैदानी और प्रशासनिक स्तर पर वन विभाग की कार्यप्रणाली में अभूतपूर्व सुधार आएगा। वानिकी की पढ़ाई के दौरान छात्र जंगलों की वैज्ञानिक बनावट, वानिकी प्रबंधन, बॉटनी, वन्यजीव पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय संतुलन जैसे जटिल विषयों का गहन अध्ययन करते हैं। ऐसे में जब प्रशिक्षित और विशेषज्ञ युवा सीधे उच्च पदों पर चयनित होकर आएंगे, तो प्रदेश की वन संपदा और जैव विविधता की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
युवाओं में जगा नया विश्वास
कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों का आभार जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई व आगामी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। छात्र-छात्राओं ने विश्वास दिलाया कि वे सरकार द्वारा दिए गए इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए छत्तीसगढ़ के जंगलों और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में अपनी शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
यह आयोजन न केवल एक मंत्री का सम्मान समारोह था, बल्कि यह सरकार की युवा-हितैषी और दूरदर्शी नीतियों पर मुहर लगाने वाला एक ऐसा अवसर था, जिसने बस्तर से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ के वानिकी छात्रों के सपनों को एक नई उड़ान दे दी है।













