छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार सरकारी स्कूल में छात्राओं को सेनेटरी पैड देने में गड़बड़ी, हर छात्र से 500 रुपए ज्यादा वसूलने और स्टूडेंट्स से दुर्व्यवहार की शिकायतें जांच में सही पाई गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका प्यून से कॉपियां जांचने का काम कराती थी। ऐसे में प्राचार्य समेत 3 शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया है।
दरअसल, स्कूल में खराब व्यवस्था, स्टूडेंट्स से दुर्व्यवहार और ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की गई थी। छात्राओं ने भी कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की थी। इसके बाद जांच में शिकायतें सही पाई गई।
इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल की मंजूरी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) संदीप पांडेय ने प्राचार्य सहित 3 शिक्षकों को दूसरी जगह भेजने के आदेश जारी किए हैं।
3 सदस्यीय जांच टीम ने शिकायतों को सही पाया
जानकारी के मुताबिक, 1 अक्टूबर को मल्हार की छात्राओं ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से शिकायत की थी। उन्होंने प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला, व्याख्याता रश्मि गुप्ता और संजय दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ संदीप पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई।
7 अक्टूबर को जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें शिकायतें सही पाई गईं। इसके बाद प्राचार्य सहित तीनों शिक्षकों को दूसरी जगह भेजने के आदेश जारी किए गए।
शिक्षिका प्यून से कराती थीं उत्तर पुस्तिकाओं की जांच
जांच में व्याख्याता रश्मि गुप्ता के खिलाफ स्टूडेंट्स से दुर्व्यवहार करने, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और पढ़ाने का काम प्यून से कराने की शिकायतें सही पाई गईं। इसके अलावा पढ़ाई से जुड़ी जिम्मेदारियों में भी गड़बड़ी मिली।
व्याख्याता संजय दुबे के खिलाफ भी स्टूडेंट्स से दुर्व्यवहार और दूसरी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई। जांच टीम ने स्कूल की व्यवस्था सुधारने और पढ़ाई का अच्छा माहौल बनाने के लिए तीनों को दूसरी जगह भेजने की सिफारिश की।

















