छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शारदीय नवरात्रि के पहले ही दिन रविवार देवी आराधना की धूम रही। सुबह से लेकर रात तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में घटस्थापना कर ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए। वहीं, मां अरपा की महाआरती कर नदी संरक्षण का संदेश दिया गया।
शहर में जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और गरबा-डांडिया के आयोजन भी शुरू हो गए हैं। जिसमें सेलिब्रिटिज संग युवक-युवतियां गरबा करते नजर आए। पहले दिन से ही धार्मिक स्थलों और आयोजन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है।
तेलीपारा में शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक भीड़ और यातायात के दबाव के अनुसार चारपहिया और बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर रूट डायवर्ट किया जा सकता है।
MLA सुशांत शुक्ला ने शुरू किया ध्वजा यात्रा, 48 ग्राम पंचायतों तक करेंगे पदयात्रा
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने गिरजाबंद हनुमान मंदिर से ध्वजा पदयात्रा शुरू की। 7 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी। 17 अक्टूबर को मां महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का समापन होगा।
पहले दिन यात्रा गिरजाबंद स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होकर रतनपुर रेस्ट हाउस, ओछीनापारा चौक, खैरखुंडी, सरवनदेवरी, लखराम, अकलतरी, गड़वट और बाम्हू सहित विभिन्न गांवों से होकर आगे बढ़ी। पहले दिन टेकर में रात्रि विश्राम किया गया। इस दौरान सचिन तिवारी का सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
अरपा मैया की महाआरती, नदी संरक्षण का संकल्प
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन अरपा अर्पण महाअभियान जन आंदोलन की ओर से मां अरपा की महाआरती आयोजित की गई। आयोजन में बिलासपुर शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु शामिल हुए। शाम 7.30 बजे पांच वेदपाठी आचार्यों ने विधि-विधान से महाआरती शुरू की। गुग्गुल और हवन सामग्री की सुगंध से अरपा तट का वातावरण भक्तिमय हो गया। महाआरती के दौरान ‘जय जय अरपा मैया’ के जयकारे गूंजते रहे।
संत रामरूपदास महात्यागी जी, रामाश्रय श्रीहरिहर क्षेत्र मदकू और प्रदेशाध्यक्ष सर्व संत समाज छत्तीसगढ़ ने प्रकृति को मां का स्वरूप बताते हुए उसकी सेवा को सबसे बड़ी सेवा बताया। अरपा अर्पण महाअभियान के संस्थापक-अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने लोगों से नदियों में कचरा, फूल-माला और अन्य पूजन सामग्री नहीं डालने की अपील की। उन्होंने पेड़-पौधों पर पोस्टर, विज्ञापन लगाने से बचने और पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।
डॉ. श्रीश मिश्रा ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि, लोग गंदगी न फैलाएं, पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं और बदलाव की शुरुआत खुद से करें। महाआरती के दौरान बिलासपुर सहित पूरे विश्व की शांति, सुख, स्वास्थ्य और सदाचरण की कामना की गई।

















