सरगुजा न्यूज़ | युवा एवं रोजगार
सेवा संकल्प अभियान: शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज डिगमा में ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ एवं उद्यमिता कार्यशाला का भव्य आयोजन
सेवा संकल्प अभियान और राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज का विजन
वर्तमान डिजिटल और तकनीकी युग में देश और प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी मांगने वाला न बनाकर नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाने की दिशा में ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय कॉलेज स्तर पर पढ़ रहे होनहार युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा प्रदान करना है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी कि किस प्रकार एक साधारण सा विचार (Idea) सही दिशा, मार्गदर्शन और सरकारी प्रोत्साहन पाकर एक सफल व्यावसायिक उद्यम में बदल सकता है। सरगुजा जैसे जनजातीय और तेजी से उभरते संभाग के युवाओं में अपार प्रतिभा छिपी हुई है, जिसे राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करने का यह सुनहरा अवसर है।
राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज का मुख्य उद्देश्य:
युवाओं के मौलिक विचारों, तकनीकी समाधानों और स्थानीय समस्याओं को दूर करने वाले नवाचारों को चिन्हित कर उन्हें वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम से जोड़ना है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से छात्र अपने प्रोजेक्ट्स जमा कर सकते हैं।
उद्यमिता कार्यशाला: शासकीय योजनाओं और औद्योगिक नीतियों की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में आयोजित ‘उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला’ में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सरगुजा के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। प्रबंधक श्री अश्विनी शुक्ला एवं सहायक प्रबंधक श्री सूर्योदय कुमार साहू ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगारोन्मुखी योजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
प्रमुख योजनाओं एवं नीतियों का विवरण:
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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP):
सूक्ष्म और लघु उद्योगों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली इस योजना के तहत विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये तक और सेवा (Service) क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। अधिकारियों ने इसमें मिलने वाली 15% से 35% तक की सब्सिडी (सब्सिडी घटक) के बारे में युवाओं को तकनीकी रूप से समझाया। -
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME):
खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए इस योजना को अत्यंत उपयोगी बताया गया। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के तहत स्थानीय कृषि एवं वनोपज उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) के लिए 35% तक के अनुदान (अधिकतम 10 लाख रुपये) का लाभ उठाकर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया गया। -
छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30:
राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति के तहत नए उद्यमियों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति और तकनीकी स्नातकों को दिए जाने वाले विशेष अनुदान, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प शुल्क में छूट और विद्युत शुल्क में दी जाने वाली रियायतों के बारे में विस्तार से प्रस्तुत किया गया। -
स्टार्टअप प्रोत्साहन एवं इनोवेशन सपोर्ट:
तकनीकी विद्यार्थियों को स्वयं का स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर, सीड फंडिंग, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट ग्रांट और पेटेंट फाइलिंग में मिलने वाली सरकारी सहायता की विस्तृत कार्यप्रणाली समझाई गई।
योजनाओं का एक नज़र में तुलनात्मक विवरण
| योजना / नीति का नाम | लक्ष्य / क्षेत्र | अधिकतम सीमा / प्रोत्साहन | प्रमुख लाभ एवं सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज | नवाचार एवं स्टार्ट-अप आइडिया | राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं फंडिंग | मेंटरशिप, इनक्यूबेशन एवं तकनीकी सहायता |
| PMEGP योजना | विनिर्माण एवं सेवा उद्योग | ₹20 लाख से ₹50 लाख तक ऋण | 15% से 35% तक मार्जिन मनी अनुदान |
| PMFME योजना | सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण | लागत का 35% (अधिकतम ₹10 लाख) | तकनीकी उन्नयन एवं ब्रांडिंग सहायता |
| औद्योगिक नीति 2024-30 | नये औद्योगिक एवं सेवा उद्यम | नीति अनुसार श्रेणीबद्ध छूट | ब्याज सब्सिडी, विद्युत शुल्क व स्टाम्प छूट |
संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, डिगमा में आयोजित इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में महाविद्यालय प्रबंधन, विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सेवा संकल्प अभियान की कोर टीम की सक्रिय भूमिका रही। मंच पर उपस्थित अतिथियों और मार्गदर्शकों में शामिल रहे:
- प्रो. (डॉ.) राम नारायण खरे — प्राचार्य, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, डिगमा, अम्बिकापुर
- डॉ. रॉबिन थॉमस — विभागाध्यक्ष, एमबीए (MBA) विभाग
- डॉ. हरिशंकर चंद्रा — समन्वयक, सेवा संकल्प अभियान
- डॉ. मोहन राव — प्रभारी, इनोवेशन सेल (Innovation Cell)
- श्री अश्विनी शुक्ला — प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा
- श्री सूर्योदय कुमार साहू — सहायक प्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा
“इंजीनियरिंग और प्रबंधन के विद्यार्थियों के पास किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजने की अनूठी क्षमता होती है। यदि हमारे युवा राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज जैसे मंचों का सही उपयोग करें, तो सरगुजा संभाग जल्द ही छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्टार्ट-अप हब के रूप में उभरेगा।”
विद्यार्थियों में उत्साह और ऑनलाइन आवेदन के लिए प्रेरित
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तरी और संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने स्टार्ट-अप रजिस्ट्रेशन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, बैंक लोन प्रक्रिया और इनोवेशन चैलेंज के ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान किया।
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने महाविद्यालय स्तर पर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, ताकि केवल इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि अन्य संकायों के युवा भी इस चैलेंज में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकें। लगभग 200 से 250 छात्र-छात्राओं के साथ-साथ संस्था के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी इस सफल आयोजन के साक्षी बने।
- व्यापक सहभागिता: डिगमा इंजीनियरिंग कॉलेज के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नवाचार का संकल्प लिया।
- ऑनलाइन पंजीयन पर जोर: राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के पोर्टल पर अधिक से अधिक आवेदन दर्ज कराने का आह्वान।
- आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का मार्ग: स्थानीय संसाधनों एवं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से नए उद्योगों की स्थापना।
- संस्थान की पहल: कॉलेज में इनोवेशन सेल के माध्यम से विद्यार्थियों के आइडिया को लगातार सपोर्ट करने का आश्वासन।














