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अम्बिकापुर नगर निगम: बदहाल सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट और वेतन संकट पर बरसे नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद; कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन






अम्बिकापुर नगर निगम: सड़कों की बदहाली, बंद स्ट्रीट लाइट और वेतन भुगतान को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन


अम्बिकापुर विशेष / नगर निगम

अम्बिकापुर: सड़कों की बदहाली, धूल के गुबार और बंद स्ट्रीट लाइट पर गरमाई राजनीति; शफी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस ने घेरा निगम प्रशासन

संवाददाता: प्रदेश खबर ब्यूरो
स्थान: अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़
तारीख: अक्टूबर 15, 2026
मुख्य बिंदु: त्यौहारों के व्यस्त सीजन में अम्बिकापुर शहर की चरमराती नागरिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्षद दल आक्रामक हो गया है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद के नेतृत्व में आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर बंद स्ट्रीट लाइटों को 48 घंटे में चालू करने, सड़कों से धूल हटाने और पिछले 3-4 महीनों से वेतन से वंचित प्लेसमेंट कर्मचारियों का भुगतान तत्काल करने की मांग रखी गई है।

त्यौहारों के माहौल में नागरिक समस्याओं का अंबार: निगम कमिश्नर को सौंपा गया ज्ञापन

अम्बिकापुर: शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी और आगामी दीपावली-छठ पूजा जैसे महान पर्वों के आगमन के साथ ही अम्बिकापुर शहर के बाजारों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों की भीड़ उमड़ने लगी है। परंतु, इस त्यौहारी सीजन में शहरवासी मूलभूत सुविधाओं के भारी संकट से जूझ रहे हैं। सड़कों की बदहाली, चारों ओर फैली गंदगी, बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और सड़कों से उड़ती धूल ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

जनता से जुड़े इन गंभीर मुद्दों और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नगर निगम अम्बिकापुर में नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों एवं वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम कमिश्नर (आयुक्त) से मुलाकात की। कांग्रेस दल ने शहर की बदतर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निगम आयुक्त को एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा और सभी प्रमुख समस्याओं पर त्वरित एवं समयबद्ध कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की।

गड्ढों में डाला गया मलबा बना सेहत के लिए आफत, सांस के मरीजों में इजाफा

अम्बिकापुर शहर के यातायात की रीढ़ मानी जाने वाली मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी मोहल्लों की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। मानसून सीजन के दौरान निगम प्रशासन द्वारा सड़कों के बड़े-बड़े गड्ढों को भरने के नाम पर आनन-फानन में मिट्टी और घटिया मलबे (गिट्टी-धूल) को डाल दिया गया था। बारिश खत्म होते ही अब वही मलबा सूखकर महीन धूल में तब्दील हो चुका है, जो वाहनों की आवाजाही के साथ हवा में उड़ रहा है।

शहर की प्रमुख सड़कों, विशेषकर मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों और आवासीय कॉलोनियों में दिनभर धूल का गुबार छाया रहता है। स्थिति यह है कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बिना मास्क या कपड़ा बांधे सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर

चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सड़कों से उठने वाली इस विषैली धूल के कारण शहर में धूल जनित एलर्जी, खांसी, आंखों में जलन और फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और दमा/अस्थमा के मरीजों के लिए यह धूल जानलेवा साबित हो रही है। त्यौहार के समय जब लोग खरीदारी के लिए निकल रहे हैं, तब यह धूल प्रदूषण उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है।

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अंधेरे में डूबा शहर: बंद स्ट्रीट लाइट बढ़ा रही हैं हादसों और अपराध का डर

एक तरफ जहां धूल उड़ाती सड़कें आम जनता की सांसें अटका रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर आंतरिक वार्डों तक दर्जनों स्ट्रीट लाइटें हफ्तों और महीनों से बंद हैं। अंधेरे के कारण गड्ढे दिखाई न देने से रोजाना दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद ने आयुक्त का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि त्यौहारों के इस सीजन में शाम ढलते ही बाजारों में महिलाओं, बच्चों और परिवारों की चहल-पहल बढ़ जाती है। अंधेरे का फायदा उठाकर कोई अनअपेक्षित आपराधिक घटना अथवा गंभीर सड़क दुर्घटना न हो, इसके लिए अतिशीघ्र कदम उठाना आवश्यक है। कांग्रेस दल ने मांग की है कि अगले 48 घंटे के भीतर शहर की सभी बंद स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर चालू किया जाए।

डेढ़ वर्ष का कार्यकाल पूरी तरह विफल, धार्मिक स्थलों के पास गंदगी का आलम

ज्ञापन सौंपने के दौरान नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद ने निगम प्रशासन की कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि अम्बिकापुर नगर निगम में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं और प्रशासनिक विफलता का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पिछले एक साल से पूरी तरह प्रभावित है।

“नवरात्र, दशहरा और दीपावली हमारे सबसे बड़े त्यौहार हैं। पूरा शहर धार्मिक उल्लास में डूबा है, लेकिन नगर निगम की नाकामी के कारण नगरवासी घटिया सड़कों, बत्ती गुल स्ट्रीट लाइटों और कचरे के ढेरों के बीच रहने को मजबूर हैं। धार्मिक स्थलों और दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास गंदगी का साम्राज्य है। निगम प्रशासन को अपनी कुंभकर्णी नींद से जागकर तत्काल सफाई अभियान चलाना चाहिए।”
— शाफी अहमद, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम अम्बिकापुर

प्रमुख मांगें जो ज्ञापन में रखी गईं:

  • 48 घंटे में स्ट्रीट लाइट सुधार: सुरक्षा और दुर्घटना रोकथाम हेतु शहर भर की बंद स्ट्रीट लाइटों को 48 घंटे के भीतर चालू किया जाए।
  • स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण: जिन सड़कों के डामरीकरण कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें विजयादशमी (दशहरा) से पूर्व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए।
  • नियमित जल छिड़काव: राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 (NH-43) पर अम्बेडकर चौक से दरिमा मोड़ तक उड़ती धूल को दबाने के लिए प्रतिदिन नियमित रूप से टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जाए।
  • पूजा पंडालों व मंदिरों की सफाई: नवरात्र व आगामी त्यौहारों को देखते हुए सभी दुर्गा मंदिर, देवी पंडालों और गरबा स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर चूना-ब्लिचिंग का छिड़काव कराया जाए।

मानवीय दृष्टिकोण: 3-4 माह से बकाया प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन भुगतान की गुहार

ज्ञापन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहलू नगर निगम के जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्लेसमेंट कर्मचारियों की दुर्दशा से जुड़ा रहा। नेता प्रतिपक्ष शाफी अहमद ने आयुक्त के समक्ष यह गंभीर मामला उठाया कि नगर निगम के सफाई, लाइट और रखरखाव शाखा में कार्यरत सैकड़ों प्लेसमेंट कर्मचारियों को पिछले 3 से 4 महीनों से वेतन नहीं मिला है।

कर्मचारियों की आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि त्यौहारों का सीजन हर परिवार के लिए खुशियां लेकर आता है, लेकिन महीनों से वेतन न मिलने के कारण इन गरीब कर्मचारियों के घरों में चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। वे अपने बच्चों के लिए कपड़े, मिठाई या त्यौहार की न्यूनतम जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं।

कांग्रेस पार्षद दल ने आयुक्त से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए मांग की कि त्यौहारों के अवसर पर बिना किसी विलंब के प्लेसमेंट कर्मचारियों का बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए, ताकि वे भी अपने परिवारों के साथ सम्मानपूर्वक त्यौहार मना सकें।

नगर निगम की समस्याओं का विश्लेषणात्मक विवरण

क्र. समस्या का क्षेत्र वर्तमान स्थिति जनता पर प्रभाव / मांग
1 सड़क एवं यातायात मुख्य व अंदरूनी सड़कें जर्जर; मलबे से अत्यधिक धूल एलर्जी, फेफड़ों की बीमारी; स्वीकृत सड़कों का डामरीकरण तुरंत हो।
2 प्रकाश व्यवस्था अधिकांश वार्डों में स्ट्रीट लाइटें हफ्तों से बंद दुर्घटनाओं व अपराध का डर; 48 घंटे में सुधार की मांग।
3 सफाई व्यवस्था धार्मिक स्थलों व बाजारों के पास कचरे के ढेर दुर्गंध व बीमारियां; पूजा पंडालों के पास तत्काल सफाई की आवश्यकता।
4 प्लेसमेंट कर्मचारी 3-4 महीने से वेतन लंबित आर्थिक संकट; त्यौहार पूर्व त्वरित वेतन जारी करने की मांग।
5 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) अम्बेडकर चौक से दरिमा मोड़ तक भारी धूल नियमित पानी छिड़काव टैंकर लगाने की मांग।

ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ नेताओं व पार्षदों की रही गरिमामयी उपस्थिति

नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस पार्षद दल और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन जनसमस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हित में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शामिल जन प्रतिनिधि एवं नेता:

पार्षदगण:

  • पापिन्दर सिंह (वरिष्ठ पार्षद)
  • कलीम अंसारी (पार्षद)
  • बल्केश्वर तिर्की (पार्षद)
  • मोहम्मद बाबर (पार्षद)
  • शुभम जायसवाल (पार्षद)
  • राजेश पैकरा (पार्षद)

वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पदाधिकारी:

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