प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी फिर एसआईआर में लगा दी गई है। अगले एक महीने तक वे घर-घर जाकर मतदाता सूची से कटे नामों को तलाशेंगे और फार्म-6 भरवाकर उन्हें दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया करेंगे। इसके बाद फरवरी 2027 से शुरू होने वाली जनगणना के लिए दिसंबर-जनवरी में ट्रेनिंग और अन्य तैयारियां होंगी। इस तरह जनवरी में परीक्षा से ठीक पहले करीब 53 हजार शिक्षक करीब डेढ़ महीने तक जनगणना के काम में लगे रहेंगे। इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि इससे पहले जनगणना का पहला चरण इसी साल मई में कराया गया था। उस दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई थीं। लेकिन जनगणना का दूसरा चरण शैक्षणिक सत्र के बीच में होगा। इसमें घर-घर जाकर एक-एक व्यक्ति की जानकारी जुटाई जाएगी। प्रदेश में इस काम के लिए 53 हजार से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
सभी विभागों के 27 हजार से ज्यादा स्टॉफ करेंगे काम
एसआईआर के विशेष अभियान के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। अभियान में 33 डीईओ, 90 ईआरओ, 377 एआरओ, 2719 सुपरवाइजर और 27196 बीएलओ लगाए गए हैं। इनमें शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल हैं। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने बीएलओ को सक्रिय कर दिया है। हर बीएलओ को सप्ताह में 20 से 25 लोगों के घर पहुंचकर सत्यापन करना है। इस दौरान मतदाता सूची से कटे नामों को फिर जोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। बुधवार और गुरुवार को सामुदायिक भवन, रैनबसेरा आदि स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शुक्रवार और शनिवार को मतदान केंद्रों के अंतर्गत आने वाले स्कूल-कॉलेजों में शिविर लगेंगे। यह अभियान 8 नवंबर तक चलेगा।

















