नवरात्रि महाष्टमी विशेष: माँ महामाया की भव्य संधि पूजा संपन्न, सरगुजा राजपरिवार ने निभाई प्राचीन रियासतकालीन परंपरा
अम्बिकापुर: शारदीय नवरात्रि के पावन और पवित्र अवसर पर सरगुजा रियासत की कुलदेवी माँ महामाया मंदिर में प्राचीन राजपरंपरा का पूरे विधि-विधान के साथ निर्वहन किया गया। आज, 19 अक्टूबर 2026 को महाष्टमी के विशेष अवसर पर निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार माँ महामाया की विशेष श्रृंगार पूजा एवं संधि पूजा अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई।
इस धार्मिक और ऐतिहासिक अनुष्ठान में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरगुजा के महाराजा टी.एस. सिंह देव तथा युवराज आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने सम्मिलित होकर पारंपरिक रूप से कुलदेवी की आराधना की। रियासत काल से चली आ रही इस परंपरा के तहत हर वर्ष नवरात्रि के विशेष पड़ाव पर राजपरिवार के सदस्यों द्वारा माँ महामाया का अर्चन किया जाता है, जिससे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- संधि पूजा का समय: आज 19 अक्टूबर को प्रातः 7:30 बजे से 8:30 बजे के मध्य।
- स्थान: माँ महामाया मंदिर, अम्बिकापुर (सरगुजा)।
- उपस्थिति: पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरगुजा महाराजा टी.एस. सिंह देव एवं युवराज आदित्येश्वर शरण सिंह देव।
- दशहरा कार्यक्रम: कल 20 अक्टूबर को श्री रघुनाथ पैलेस प्रांगण में विभिन्न पारंपरिक पूजन एवं जनदर्शन का आयोजन।
विजयादशमी (दशहरा) 20 अक्टूबर के विशेष कार्यक्रम
नवरात्रि के भव्य समापन और विजयादशमी के शुभ अवसर पर कल यानी 20 अक्टूबर 2026 को सरगुजा राजपरिवार द्वारा पारंपरिक शस्त्र, अश्व, गज एवं नवग्रह पूजन का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह अनुष्ठान रियासतकालीन संस्कृति और लोक-कल्याण की भावना का परिचायक है।
| दिनांक एवं समय | कार्यक्रम का विवरण | स्थान |
|---|---|---|
| 20 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:00 बजे से | अश्व, गज, नवग्रह, शस्त्र, नगाड़ा एवं अन्य पारंपरिक पूजन कार्यक्रम | श्री रघुनाथ पैलेस प्रांगण, अम्बिकापुर |
| 20 अक्टूबर 2026, सायं 3:30 बजे से | महाराजा टी.एस. सिंह देव, राजा अरुणेश्वर शरण सिंह देव एवं युवराज आदित्येश्वर शरण सिंह देव की कचहरी (आमजनों से मुलाकात एवं भेंट) | पैलेस स्थित कचहरी, रघुनाथ पैलेस |
आम नागरिकों के लिए पैलेस के द्वार रहेंगे खुले
दशहरा के पावन पर्व पर परंपरा का पालन करते हुए सरगुजा स्थित श्री रघुनाथ पैलेस कल सायं 3:30 बजे से आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से खुला रहेगा। पैलेस प्रांगण में स्थित कचहरी में महाराजा टी.एस. सिंह देव, राजा अरुणेश्वर शरण सिंह देव और युवराज आदित्येश्वर शरण सिंह देव स्वयं उपस्थित रहकर आमजनों से मुलाकात करेंगे और उनकी शुभकामनाएं स्वीकार करेंगे।
इस मिलन समारोह और पारंपरिक मेल-जोल में हिस्सा लेने के लिए सरगुजा संभाग सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में आमजनों, गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रवासियों के पहुंचने की संभावना है। रियासत काल से चली आ रही इस अनूठी परंपरा से स्थानीय लोगों का गहरा भावनात्मक जुड़ाव आज भी बना हुआ है।

















