देश में विपक्षी आंदोलन और जेन-जी की आक्रामकता को देखते हुए आरएसएस ने युवाओं और महिलाओं पर फोकस बढ़ाने का निर्णय लिया है।
कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सर संघ चालक डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में क्षेत्र व प्रांत के अधिकारियों व विभाग की टोलियों में हुई चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि आने वाले समय में युवाओं व महिलाओं को आरएसएस से जोड़ने वाली गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए पांचवीं-छठवीं कक्षा के बच्चों को शाखाओं से जोड़ने के लिए गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
विजयादशमी पर्व के अंतर्गत दो दिन के प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे सर संघ चालक भागवत ने प्रांत व विभाग टोलियों के अलावा सभी आनुषांगिक संगठनों के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने शताब्दी वर्ष के अंतर्गत जो काम तय किए गए थे, उनकी रिपोर्ट ली।
दो दिन की चर्चा का लब्बोलुआब जो सामने आ रहा है, उसमें जेन-जी आंदोलनों और विपक्षी नैरेटिव का जवाब देने के लिए युवाओं व महिलाओं पर फोकस्ड गतिविधियां चलाने, स्कूल-कॉलेज से लेकर घर-घर तक संपर्क बढ़ाने के लिए कहा गया है। छत्तीसगढ़ में संघ की शाखाओं का विस्तार हुआ है।
इसे बरकरार रखने और नई शाखाएं खोलने की चर्चा हुई है। शुक्रवार को भोजन से पहले दो सत्रों में बैठकें हुईं, फिर समापन सत्र में आरएसएस प्रमुख ने बौद्धिक वर्ग में दिए अपने संदेश को दोहराया कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत जो कार्य शुरू किए गए हैं, उन्हें जारी रखना है। गांव-गांव तक जाने के अलावा शहर में बस्तियों पर फोकस करना है।
धर्मांतरण के मुद्दे पर प्रशासन से सहयोग नहीं
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बड़ा मुद्दा है। आरएसएस के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, धर्म जागरण आदि संगठन इस पर काम कर रहे हैं। संगठनों की ओर से इस बात की चिंता जताई गई कि जबर्दस्ती धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ जो कार्यकर्ता काम करते हैं, उन्हें प्रशासन से सहयोग नहीं मिलता।
पुलिस उन पर भी कार्रवाई करती है। धर्मांतरण कराने वाले लोग कानूनी रूप से ज्यादा मजबूत हैं। इस पर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि प्रलोभन देकर या बलपूर्वक धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ काम जारी रखना है, इसमें डरना नहीं है।
नीट जैसी गलतियों से बचने की सलाह चर्चा के दौरान नीट पेपर लीक और उसके बाद हुए आंदोलन का मुद्दा भी उठा। इस पर भागवत ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस तरह की गलतियों का मौका नहीं देना है।
हालांकि यह बात भी आई कि विश्व के दूसरे देशों में जिस तरह से आंदोलन हो रहे हैं, वैसा प्रभाव भारत में नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि धीरे-धीरे आंदोलनकारियों के मंसूबे सामने आ रहे हैं। इससे लोग नीट, एसआईआर जैसे आंदोलन के पीछे छिपे उद्देश्यों को लोग समझने लगे हैं।
मूलभूत सुविधाएं देने में कोताही न हो
दो दिनों के सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ प्रांत से आए स्वयंसेवकों से क्षेत्र व प्रांत प्रचारकों ने इनपुट लिया। इसमें जर्जर सड़क जैसी समस्याओं पर भी बात हुई। इसे लेकर यह संदेश सामने आया है कि मूलभूत सुविधाएं देने में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। यदि नई सड़क बनाने में वैश्विक परिस्थितियां आड़े आ रही हैं तो लोगों को राहत देने के लिए मेंटेनेंस कर काम चलाना चाहिए।
डेढ़ करोड़ से ज्यादा महिला व युवा वोटर
छत्तीसगढ़ में महिला वोटरों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। वहीं, युवा वोटर 50 लाख से ज्यादा हैं। युवा व महिलाओं पर केंद्रित आरएसएस की गतिविधियों का लाभ चुनावी दृष्टि से भाजपा को मिल सकता है। महतारी वंदन जैसी योजनाओं का छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में हुए चुनाव में भाजपा को लाभ मिला था।
आरएसएस में महिलाओं की संख्या और प्रतिनिधित्व कम होने के आरोप लगते रहे हैं। महिलाओं से जुड़ी गतिविधियों के जरिए संख्या बढ़ेगी, यह आरोपों का जवाब होगा।

















