भूपेश बघेल का केंद्र पर तीखा हमला: ‘पहले मतदाता सरकार चुनते थे, अब सरकार मतदाता चुन रही है’
प्रयागराज: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने रविवार को प्रयागराज की ऐतिहासिक धरती से केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। अलोपीबाग स्थित सरदार पटेल सेवा संस्थान में आयोजित कांग्रेस के ‘सामाजिक न्याय एवं भागीदारी सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए बघेल ने देश की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि लोकतंत्र की नींव को कमजोर किया जा रहा है।
“1 नवंबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ एक बड़ी रैली होगी। अगर वोट ही सुरक्षित नहीं हैं, तो लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता। 1937 में अंग्रेजों के शासनकाल में देश की केवल 14% आबादी को मतदान का अधिकार था। गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और महिलाओं का बड़ा वर्ग इससे वंचित था। कांग्रेस ने इसका विरोध किया और संविधान बनने पर सभी वयस्क नागरिकों को समान मतदान का अधिकार मिला…”
1 नवंबर को दिल्ली में विशाल ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली
अपने प्रयागराज दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने घोषणा की कि वोट चोरी और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और देशभर के नागरिकों तथा विपक्ष के नेताओं से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। बघेल ने साफ कहा कि वोट की सुरक्षा ही संविधान और लोकतंत्र की सुरक्षा की पहली शर्त है।
13 करोड़ वोटरों के नाम काटने का गंभीर आरोप
सम्मेलन में बघेल ने दावा किया कि देश भर में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ वैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। उन्होंने इसे एक रणनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यह तो केवल शुरुआत है। यदि जनता समय रहते सतर्क नहीं हुई, तो आने वाले समय में आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार पूरी तरह छीन लिए जाएंगे।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और संविधान का हवाला
अपने वक्तव्य में भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता पूर्व के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा:
- 1937 का दौर: ब्रिटिश शासनकाल में देश की मात्र 14% आबादी के पास ही मताधिकार था, जिसमें गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी और महिलाएं पूरी तरह बेअधिकार थे।
- कांग्रेस का संघर्ष: कांग्रेस पार्टी ने इस भेदभाव के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी, जिसके परिणामस्वरूप आजादी के बाद संविधान सभा ने हर बालिग नागरिक को ‘एक वोट, एक मूल्य’ का अधिकार प्रदान किया।
- अधिकारों पर आघात: उस समय अंग्रेजों और उनके सहयोगियों का तर्क था कि अनपढ़ लोग देश कैसे चलाएंगे, लेकिन भारतीय जनता ने अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल कर दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र खड़ा किया। आज उसी लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।
प्रयागराज आगमन और स्वराज भवन में श्रद्धांजलि
प्रयागराज दौरे की शुरुआत में भूपेश बघेल, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और यूपी कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने स्वराज भवन और आनंद भवन का दौरा किया। नेताओं ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर ऐतिहासिक सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। बघेल ने आनंद भवन की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे नेहरू-गांधी परिवार की कर्मस्थली और सामाजिक न्याय का केंद्र बताया।
यूपी में राजनीतिक हलचल और गठबंधन की रणनीति
उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक समीकरणों और 2027 के विधानसभा चुनावों पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन समय की मांग है। समाजवादी पार्टी (SP) के साथ सीट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व आपस में बातचीत कर सम्मानजनक फैसला लेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और 2029 में सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।












