प्रयागराज में कांग्रेस का ‘सामाजिक न्याय सम्मेलन’: भूपेश बघेल का बड़ा दावा – “उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन तय, सामाजिक न्याय बनेगा मुख्य आधार”
“सामाजिक न्याय सम्मलेन। सरदार पटेल संस्थान, प्रयागराज।
मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश में इस बार सत्ता परिवर्तन तय है़।
कार्यक्रम में एआईसीसी के उत्तरप्रदेश प्रभारी राजेंद्र गौतम जी, AICC पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिन्द जी, पीसीसी की अध्यक्ष अराधना मिश्रा मोना जी, AICC सचिव वरुण चौधरी जी, कांग्रेस विधायक दल के नेता वीरेद्र चौधरी जी, यूपी पीसीसी के महासचिव जयकरण वर्मा जी मौजूद थे।
एक महत्वपूर्ण आयोजन के लिए भाई नारायण सिंह पटेल जी और भाई Shyam Patel जी को साधुवाद। @INCUttarPradesh”
इस राज्य स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में आए पार्टी कार्यकर्ताओं, समाज सुधारकों, ओबीसी (OBC), एससी-एसटी (SC/ST) और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की जनविरोधी नीतियों, बेरोजगारी, और सामाजिक न्याय की उपेक्षा के खिलाफ निर्णायक आंदोलन छेड़ने की रणनीति तैयार की ।
– भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
1. सरदार पटेल संस्थान से सत्ता परिवर्तन का शंखनाद
प्रयागराज का सरदार पटेल संस्थान वर्षों से वैचारिक एवं सामाजिक संवाद का केंद्र रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन ऐतिहासिक सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और सामाजिक समरसता को समर्पित था। सम्मेलन में कांग्रेस नेतृत्व ने यह साफ कर दिया कि पार्टी अब केवल चुनावी रणनीतियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर जाकर पिछड़ों, अति-पिछड़ों और शोषित वर्गों को उनका हक दिलाने का काम करेगी ।
भूपेश बघेल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार ने जिस प्रकार ‘न्याय’ योजनाओं के माध्यम से किसानों, आदिवासियों, और पिछड़ों को सीधे आर्थिक शक्ति प्रदान की थी, उसी तर्ज पर कांग्रेस अब पूरे देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय का मॉडल लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश देश की राजनीति का दिल है। अगर यूपी में सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, तो पूरे देश में लोकतंत्र और संविधान सुरक्षित रहेगा।”
2. दिग्गज कांग्रेस नेताओं का महाजुटान और एकजुटता का संदेश
इस सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत AICC और यूपी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UP PCC) के शीर्ष नेतृत्व का एक मंच पर उपस्थित होना रहा। मंच पर उपस्थित नेताओं ने एक स्वर में उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की बयार बहने का दावा किया ।
राजेंद्र गौतम (AICC प्रभारी, यूपी)
इन्होंने संगठनात्मक मजबूती पर बल देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बूथ स्तर तक सामाजिक न्याय के संदेश को पहुंचा रही है। उन्होंने सत्ता में दलितों और पिछड़ों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का खाका पेश किया ।
अनिल जयहिन्द (अध्यक्ष, AICC पिछड़ा वर्ग)
ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा और जातिगत जनगणना की मांग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ का सिद्धांत लागू होकर रहेगा।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ (अध्यक्ष, UP PCC)
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की विफलताओं को उजागर किया। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया ।
वरुण चौधरी (सचिव, AICC)
युवाओं की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा आज बेरोजगारी से त्रस्त है और परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम युवा वर्ग ही बनेगा।
वीरेंद्र चौधरी (नेता, कांग्रेस विधायक दल)
विधानसभा के भीतर और बाहर जनता की
Ashish Sinha
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