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दो दशक से लंबित किसानों की समस्या मिनटों में दूर की मुख्यमंत्री ने

रायपुर : दो दशक से लंबित किसानों की समस्या मिनटों में दूर की मुख्यमंत्री ने

जलाशय के लिए ली गई थी किसानों की जमीन

2004 से लंबित था किसानों का मुआवजा, योजना भी बंद हो गई

पांडारही के किसानों की समस्या पर मुख्यमंत्री ने मुआवजा दिलाने के दिये निर्देश

मुआवजा लंबित था और योजना बंद होने की वजह से इसे दे पाना भी संभव नहीं रहा, किसान निराश थे, मुख्यमंत्री के सामने रखी तकलीफ, मुख्यमंत्री ने तुरंत किया निदान

की वजह से इसे दे पाना भी संभव नहीं

कांकेर जिले के पांडारही के किसानों की दो दशक की समस्या मिनटों में मुख्यमंत्री ने दूर कर दी। कांकेर विधानसभा के कोदागांव में भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान पांडारही के किसान घसियाराम ने स्थानीय किसानों की समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि 2004 में जलाशय के लिए किसानों की जमीन ली गई थी और इसका मुआवजा तय हुआ था। जिस योजना में यह मुआवजा मिलना था वो योजना ही अब बंद हो गई। इसके कारण मुआवजा नहीं मिल पाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन के बदले जमीन दे देते हैं। किसानों ने कहा कि मुआवजा मिले तो अच्छा होगा। इस पर मुख्यमंत्री ने मुआवजा प्रकरण बनाने और नियमानुसार जांच कर किसानों को लाभ दिलाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

रहा, किसान निराश थे,

मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात में एक दिव्यांग बच्चे का मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने तथा 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद के निर्देश भी दिये। उन्होंने गांव के किसान गिरवर साहू के यहां भोजन किया। यहां उन्हें विशेष तौर पर मधुरस से बनने वाला व्यंजन लोकटी परोसा गया। इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, अंतागढ़ विधायक अनूप नाग, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री के सामने रखी तकलीफ, मुख्यमंत्री ने तुरंत किया निदान

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मनरेगा के तहत कराएं खेत समतलीकरण, कोदो-कुटकी की खेती करें- भेंट मुलाकात के दौरान भानबेड़ा के किसान महावर सिंह नुरेटी ने कहा कि हमारे खेत में भूमि सुधार का काम होता तो बेहतर होता, अभी जीवनयापन के लिए पूरी तरह जंगल पर निर्भर हैं। मुख्यमंत्री ने मनरेगा से खेत समतलीकरण कराने के निर्देश कलेक्टर को दिये। उन्होंने किसानों को इन खेतों में कोदो-कुटकी-रागी आदि की खेती करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फसलों की बाजार में बड़ी माँग है और सरकार इनके प्रसंस्करण की व्यवस्था को भी प्रोत्साहन दे रही है।

भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में ग्राम बार देवरी की सरिता ने कहा कि भाई कुमार सोरी के खेत में बिजली नहीं पहुँची है। तीन खम्बों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आपका नाम नोट कर लिया है। जल्द ही खेत तक बिजली पहुँच जाएगी। फागेश्वरी ने बताया, गोधन न्याय से बेटी के लिए ली कान की बाली- फागेश्वरी ने भेंट मुलाकात में बताया कि मैंने गोधन न्याय योजना के माध्यम से जो बचत की। उससे अपनी बेटी के लिए कान की बालियां ली हैं। समूह की सभी सदस्यों को चौदह हजार रुपए की आय वर्मी कंपोस्ट बेचकर हुई है। मुख्यमंत्री ने अन्य योजनाओं के हितग्राहियों से भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कोदागांव में 66 लाख रूपए के लागत से 12 देवगुड़ियों के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण तथा एक करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से 22 देवगुड़ियों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यक्रम, भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं- कोदागांव के प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल बनेगी। कोदागांव से पंडरीपानी तक सड़क निर्माण होगा। कोदागांव में लो वोल्टेज से मुक्ति के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। कोदागांव के खेल मैदान का समतलीकरण होगा। कोदागांव के गुड़हर बांध का गहरीकरण होगा। घनेली कान्हार में चिन्हार नदी पर एनीकट बनेगा। तालाकुर्रा के डुब्ली बांध में नया पुल बनेगा। कोदागांव में सोलर लाइट लगेगी।

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