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कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन, रेशम तथा क्रेडा विभाग की ली समीक्षा बैठक

कलेक्टर ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन, रेशम तथा क्रेडा विभाग की ली समीक्षा बैठक
कलेक्टर ने जिले में अच्छे कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की

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गरियाबंद,कलेक्टर प्रभात मलिक ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी पशुपालन, मछलीपालन, क्रेडा तथा रेशम विभाग, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजना के क्रियान्वयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों को हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता के साथ दिलाने को कहा। श्री मलिक ने कहा कि कृषि एवं समवर्गीय विभाग के मैदानी अमले द्वारा जिले में अच्छे कार्य कर रहे अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की तथा उन्हें आगामी समय में जनप्रतिनिधियों द्वारा सम्मानित किया जायेगा।
कलेक्टर मलिक ने समीक्षा के दौरान खरीफ सीजन में बीज और उर्वरक के वितरण के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौठानों में महिला समूह द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद के उपयोग के बारे में भी किसानों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। बैठक में कहा कि गौठानों में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट का विभिन्न समितियों में भण्डारण कराकर किसानों को दोनों कम्पोस्ट खाद कृषि ऋण के रूप में प्रदाय की जा रही है। इसके लिए जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक एवं समिति प्रबंधक पंचायतवार कैम्प लगाये और किसानों को अधिक से अधिक इस योजना से लाभान्वित करें। उन्होंने गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर क्रय एवं खाद उत्पादन व विक्रय, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में सभी किसानों ई-केवाईसी करने, के.सी.सी. प्रकरण तैयार करने के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में उद्यान विभाग को गौठानों में पोषण बाड़ी के तहत चार-चार बाड़ी तैयार करने के निर्देश दिये। साथ ही गौठानों को उद्यानिकी फसलों के प्रदर्शन ट्रेनिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाए। मछली पालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने मछलीपालन के लिए शत प्रतिशत तालाबों को लीज पर देने, रेशम विभाग के अधिकारियों को रेशम से धागा निकालने के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं को धागा बनाने प्रेरित करने कहा। जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोवंशी पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, वत्सोत्पादन अधिक से अधिक कराने के निर्देश दिये। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन, पशुपालन, रेशम एवं क्रेडा विभाग प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

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