छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 3 ग्रामीणों की जान लेने वाली मादा भालू की मौत हो गई। 5 अगस्त को लारगांव मरकाटोला में मादा भालू ने खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया था और फिर उनके शवों को करीब 5 घंटे तक नोचती रही। इस घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने भालू को डंडे से पीटा था।
वन विभाग की टीम भालू को ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) कर रायपुर ले आई थी, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की पुष्टि डीएफओ रौनक गोयल ने की है। हालांकि भालू की मौत किन कारणों से हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
वहीं, इस घटना के बाद अब एक नर भालू गांव में घुस गया। बीती रात कई घरों के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। उसके डर से ग्रामीण न तो अपने खेतों में जा पा रहे हैं और न ही बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगाकर प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग की।
अब जानिए पूरा मामला
5 अगस्त को कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव में एक मादा भालू ने तीन ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। बताया जा रहा है कि मादा भालू अपने शावक की मौत के बाद आक्रामक हो गई थी। मादा भालू ने हमला कर भाई और बहन की जान ले ली थी।
मारने के बाद वह उनके शवों को नोचती रही, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया था। हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज रायपुर के डीकेएस अस्पताल में चल रहा है। घटना के अगले दिन मादा भालू की भी मौत हो गई।
भालुओं के डर से ग्रामीणों ने स्कूल में लगाया ताला
घटना के 2 दिन बाद गांव में भालुओं की लगातार बढ़ते आतंक के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का स्कूल पहाड़ी से सटा हुआ है और घटना स्थल भी स्कूल के ठीक पीछे था।
स्कूल में बाउंड्रीवॉल न होने के कारण बच्चों की जान जोखिम में है। इसी वजह से ग्रामीण स्कूल में ताला लगाकर धरने पर बैठे हैं।













