अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात
नई दिल्ली: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक शिष्टाचार मुलाकात की। द्वीप समूह के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री के साथ उनकी यह पहली आधिकारिक बैठक है।
मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **X** (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट जारी किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का संदेश:
“अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल, @LG_ANI_DrDinesh ने प्रधानमंत्री @narendramodi से मुलाकात की।”
पदभार ग्रहण के बाद पहली उच्चस्तरीय बैठक
डॉ. दिनेश शर्मा ने 15 सितंबर 2026 को श्री विजया पुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) स्थित लोक निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 14वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र विट्ठलराव घुगे ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।
पदभार संभालने के एक सप्ताह के भीतर हुई इस बैठक को केंद्र शासित प्रदेश में जारी विकास परियोजनाओं, रणनीतिक सुरक्षा तैयारियों और जन-कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है।
बैठक के प्रमुख बिंदु एवं विकास एजेंडा
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में संचालित विभिन्न प्रमुख योजनाओं और भावी प्राथमिकताओं की प्रगति रिपोर्ट सौंपी:
- ग्रेट निकोबार मेगा प्रोजेक्ट: हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूती प्रदान करने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और नौसेना बेस की प्रगति पर चर्चा।
- कनेक्टिविटी विस्तार: द्वीप समूह में समुद्री (Maritime) और हवाई (Aviation) कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ-साथ सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना।
- सतत पर्यटन और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy): पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए ईको-टूरिज्म, मत्स्य पालन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास।
- आपदा प्रबंधन और स्थानीय रोजगार: प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हेतु बुनियादी ढांचा तैयार करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करने की योजना।
रणनीतिक एवं भौगोलिक महत्व
बंगाल की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सीमाओं में से एक हैं। यहाँ देश की एकमात्र एकीकृत त्रि-सेवा कमान (Andaman and Nicobar Command) स्थापित है, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।















