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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर जीर्णोंद्धार किये गये 8152 स्कूल भवनों का करेंगे लोकार्पण

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर जीर्णोंद्धार किये गये 8152 स्कूल भवनों का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री के हाथों 1500 नवनियुक्त शिक्षकों को मिलेगा नियुक्ति पत्र

छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अभिनव योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। इसी कड़ी में जर्जर स्कूल भवनों के जीर्णोंद्धार के लिये प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना‘ प्रारंभ करने के साथ-साथ बड़ी संख्या में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2018 तक स्कूल भवनों में मरम्मत, आहाता निर्माण, अतिरिक्त कक्ष निर्माण आदि के लिये कम राशि का प्रावधान बजट में प्रावधान था। वर्ष 2018-2019 के बजट तक यह राशि बढ़ाकर केवल 150 करोड़ रुपए की गई। इतनी कम राशि होने के कारण स्कूल भवन जर्जर होते चले गये। बच्चे ऐसे ही जर्जर भवनों में पढ़ाई करने के लिये मजबूर थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निर्देश दिए कि सभी जर्जर और मरम्मत योग्य स्कूल भवनों का जीर्णोंद्धार तत्काल किया जाए। उन्होंने मार्च 2023 में इसके लिये 1000 करोड़ रुपए की मंजूरी की घोषणा की और यह भी कहा कि यदि इससे अधिक राशि की आवश्यकता होगी तो वह राशि भी प्रदान की जाएगी।

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मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर पूरे राज्य में 1037 करोड़ रुपए की लागत से स्कूल भवनों की मरम्मत के 21 हजार 564 कार्यों तथा 1096.66 करोड़ रुपये की लागत से 7 हजार 598 अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति प्रदान की गई। इस प्रकार मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत कुल 29 हजार 162 कार्यों हेतु 2133.66 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान करके कार्य प्रारंभ किये गये। स्कूल भवनों के जीर्णोंद्धार की यह अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना है। इनमें से 7 हजार 688 मरम्मत कार्य एवं 464 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 5 सितंबर शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 8 हजार 152 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों के संबंध में एक रोचक तथ्य यह है कि इन भवनों के रंग-रोगन के लिए गौठान में बने 1 लाख 98 हजार 510 लीटर गोबर पेंट का उपयोग किया गया है, जिसकी कुल कीमत 4.76 करोड़ रुपए है।

शिक्षा की गुणवत्ता के लिये सुयोग्य शिक्षक सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। विगत 15 वर्षों में केवल शिक्षाकर्मियों की ही नियुक्तियां की गईं थीं। वर्तमान सरकार ने बड़े पैमाने पर योग्य एवं पूर्ण अर्हता प्राप्त शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं। सरकार का गठन होते ही वर्ष 2019 में व्यापमं की परीक्षा द्वारा 10 हजार 834 शिक्षकों की नियुक्तियां की गई। इसके अतिरिक्त स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नवीन पद निर्मित करके 6 हजार 730 शिक्षकीय पदों तथा 485 गैर शिक्षकीय पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इस वर्ष पुनः व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ 12 हजार 489 शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। वर्ष 2019 में सरकार गठन के पश्चात् स्कूल शिक्षा विभाग में 30 हजार 53 शिक्षकीय पदों पर एवं 485 अन्य पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। पूर्व में 12 अगस्त 2023 को मुख्यमंत्री ने 232 व्याख्याताओं को नियुक्ति पत्र दिया था, इसके बाद 2 सितंबर को पुनः 2000 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। अब 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर 1500 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। शेष बचे पदों पर भी नियुक्ति के लिए कांउसिलिंग एवं दस्तावेज सत्यापन की कार्यवाही जारी है एवं उन्हें शीघ्र ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।

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