Advertisement

राजिम कुंभ कल्प के मंच पर स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोककला की प्रस्तुति देकर बढ़ाया मान

कलाकार शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों से लूट रहे वाहवाही

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

गरियाबंद // राजिम कुंभ के सांस्कृतिक मंच में प्रतिदिन कलाकारों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जगहों से पहुंच कलाकार अपनी माटी की सौंधी महक को दूर तक बिखेर रहे हैं। आज सातवें दिन श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर के समीप बने मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने मन मोह लिया। कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति ग्राम बकली से नंद कुमार साहू एवं उनकी टीम ने राम की महिमा का बखान करते हुए कहा की रामनाम ही सत्य है, जिसके नाम की सुमिरन से ही भव से पार हो सकते है। इसलिए मोहमाया के बंधन से निकलकर मानवता के कल्याण का मार्ग अपनाएं, समस्त दुर्गुणों का त्याग करे और आत्मा को पवित्र करे इस नश्वर शरीर की चिंता न करें। भक्ति के लिए कुछ समय अवश्य निकाले। राम भजन कम नहीं करना… राम तोर शक्ति राम तोर भक्ति… मन गुनगुनाए राम…जैसे सुमधुर भक्तिमय भजनों के द्वारा दर्शकों के हृदय में राम भक्ति का संचार हुआ। मंच पर पंडवानी में महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को कथा और गायन के माध्यम से बहुत ही भावपूर्ण रूप में व्यक्त की भामनी मानिकपुरी ने जिसे बहुत ही सराहना दर्शकों के मंच से मिला। रामायण में राम के संपूर्ण चरित्र को अपनाने और रामराज्य की कल्पना को साकार करने के मिलाप दीवान अरंड ने संदेश दिए। सुरेश सोनकर पारागांव की टीम ने जगराता में देवी के भजन तोला बंदव… तोला दुर्गा कहव की काली ..मोर गांव में के शीतला दाईकृभक्ति गीत से नवरात्र के माहौल बनाएं। लोककला के माध्यम से छत्तीसगढ़ी गीत ..माया होगे..कोसा के साड़ी ..पुन्नी के मेला घुमाहू,,, मोर बर ले दे न राजा लाली लुगरा… जैसे सुमधुर गीतों ने दर्शको को अंत तक बांधकर रखा। परमेंद्र कुमार के सुमधुर भजनों से दर्शक झूमने लगे। इसी मंच पर झाड़ी राम कोमा ने लोकनृत्य में छत्तीसगढ़ की झांकी प्रस्तुत की। जागृति सिन्हा की टीम ने स्वस्थ जीवनशैली के निर्माण में प्रतिदिन योग के महत्व को बताया। तिजिया बाई कुर्रां की टीम ने मानस भजन की शानदार प्रस्तुति दी। अहिरवारा से आए सूर्य प्रकाश ने मंगल भजन की प्रस्तुति दिया, जिसे दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला। प्रभा यादव चंद्रखूरी ने पंडवानी में कौरव पांडव के बीच हुए युद्ध का वर्णन किया। बिरेझर से पहुंचे हेमा साहू एवं उनकी टीम ने बहुत ही सुंदर तरीके से देश भक्ती भक्ती पूर्ण गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों को गुनगुनाने के लिए विवश किए।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47