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आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत मंगाए गए आवेदन

आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत मंगाए गए आवेदन

शिक्षक के रूप में सेवाएं देने वाले विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन

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गरियाबंद//अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र- छात्राओं के लिए आर्यभट्ट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजनांतर्गत विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र (कन्या) जिला-दुर्ग / (बालक) जगदलपुर में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री नवीन भगत ने बताया कि प्रवेश हेतु अनुसूचित क्षेत्र में निवासरत कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राएं जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण किये हो एवं विज्ञान व वाणिज्य विषय के साथ आगामी पढ़ाई के इच्छुक हों। ऐसे इच्छुक विद्यार्थियों को विभाग के साथ अनुबंध पत्र हस्ताक्षर करना होगा कि विज्ञान एवं वाणिज्य विषयों के स्नातक/स्नातकोत्तर तथा बी.एड. की पढ़ाई के पश्चात् वे प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने के लिए सहमत है।
उन्होंने बताया कि बस्तर एवं दुर्ग जिला मुख्यालय पर संचालित विज्ञान वाणिज्य केन्द्र पर अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा। अस्थायी रूप से प्रवेशित समस्त विद्यार्थियों को स्वयं की रूचि से संबंधित जिला मुख्यालय (दुर्ग/जगदलपुर) अथवा आस-पास संचालित शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय / विश्वविद्यालय में संचालित विज्ञान/वाणिज्य विषय की स्नातक अथवा स्नातकोत्तर कक्षाओं में 15 दिवस के अंदर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। प्रवेश के दौरान सहयोग एवं मार्गदर्शन संस्था के प्रशासकीय अधिकारी / संबंधित सहायक आयुक्त द्वारा दिया जायेगा। नियमित शिक्षण संस्थान में प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान एवं वाणिज्य विकास केन्द्र में स्थायी प्रवेश दिया जायेगा। स्थाई प्रवेश के पश्चात् विद्यार्थी को योजना के तहत दी जाने वाली अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी। स्नातक स्तर पर एक वर्ष परीक्षा अनुत्तीर्ण विद्यार्थी को पुनः शासकीय व्यय पर 1 वर्ष के लिये प्रवेश की पात्रता होगी। पुनः अनुत्तीर्ण होने पर आगामी 1 वर्ष तक विद्यार्थी को स्वयं के व्यय पर अध्ययन करना होगा। किसी भी स्थिति में स्नातक पाठ्यक्रम हेतु अधिकतम 4 वर्ष तक छात्रवृत्ति एवं अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी।
कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राएं जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण किये हो एवं विज्ञान व वाणिज्य विषय के साथ आगामी पढ़ाई के पश्चात प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देने के लिए अपनी सहमति देते है। तो उन्हे विज्ञान विकास केन्द्र (कन्या) जिला मुख्यालय दुर्ग/ विज्ञान विकास केन्द्र (बालक) जिला मुख्यालय जगदलपुर में आवासीय सुविधा प्रदान कर वर्ष 2024-25 में जिला मुख्यालय अथवा आसपास संचालित शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में बीएससी (गणित/विज्ञान/बी.काम) प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश हेतु आवेदन-पत्र कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास गरियाबंद के रूम नंबर 56 में अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।

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