17 सांसदों पर होगी दोनों गठबंधन की नजर, कर सकते हैं बड़ा खेला…नीतीश-नायडू
लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। केंद्र में एनडीए की सरकार तो बनती दिख रही है, लेकिन बीजेपी की सीट 272 से कम होने के नाते इंडिया गठबंधन भी सरकार बनाने के लिए मंथन कर रहा है। इंडिया गठबंधन की कुल 234 सीटें हैं। उसे 272 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 38 सांसदों की जरूरत होगी। नीतीश और नायडू के 28 सांसद हैं। ये अगर इंडिया गठबंधन से हाथ मिला लेते हैं तो उसका आंकड़ा 262 तक पहुंच जाएगा। उसे 10 और सांसदों की जरूरत होगी। ये 10 सांसद उन अन्य में से आ सकते हैं जो किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।
हालाँकि सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भारतीय जनता पार्टी उभर कर सामने आई है। जिसे मात्र 240 सीटें ही मिल पाई है। जबकि केंद्र में सरकार बनाने के लिए 272 सदस्यों की जरुरत होगी। हालाँकि एनडीए की बात करें तो इसे 292 सीटें मिली हैं। जो बहुमत से मात्र 20 अधिक हैं। इससे सबकी नजरें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू पर टिक गयी है। जहाँ नीतीश कुमार की पार्टी जदयू को जहाँ 12 वहीँ टीडीपी को 16 सीटें मिली है। दोनों को मिलाकर 28 लोकसभा सदस्य हैं, जो एनडीए का खेल बिगाड़ सकते हैं।
हालाँकि जदयू और टीडीपी को छोड़ दें तो अन्य 17 सदस्य भी चुनाव जीतकर आये हैं, जो किसी भी पार्टी की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन 17 सांसदों में AIMIM के ओवैसी, बिहार के पूर्णिया से जीतने वाले पप्पू यादव, यूपी के नगीना से जीतने वाले चंद्रशेखर आजाद, पंजाब के फरीदकोट से जीतने वाले सबरजीत सिंह खालसा, खडूर साहिब से जीतने वाले अमृतपाल सिंह, दमन और दीव से जीतने वाले निर्दलीय पटेल उमेशभाई, सांगली से चुनाव जीतने वाले विशाल पाटिल, बारामूला से जीतने वाले इंजीनियर राशिद, मोहम्मद हनीफा (निर्दलीय), रिकी एन्ड्रयू(पीपुल्स पार्टी), रिचर्ड वानलालहमंगइहा (झोरम पीपुल्स मुवमेंट), हरसिमरत कौर बादल(शिरोमणि अकाली दल), पेद्दीरेड्डी वेंकट मिधुन रेड्डी, अविनाश रेड्डी थानुज रानी, गुरुमूर्ति मैडिला सभी (YSRCP) और जोयंता बसुमतारी(UPPL) शामिल हैं।













