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गौरव गरियाबंद अभियान: उच्च शिक्षा गुणवत्ता के लिए प्रशासन की अभिनव पहल

गौरव गरियाबंद अभियान: उच्च शिक्षा गुणवत्ता के लिए प्रशासन की अभिनव पहल

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए शुरू किया अभियान

शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए करें बेहतर कार्य

कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

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गरियाबंद/ कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने आज जिला पंचायत के सभागार में जिले के सभी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करने एवं उच्च शिक्षा गुणवत्ता के उद्देश्य से गौरव गरियाबंद अभियान की शुरुआत की। यह अभियान कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के शत प्रतिशत सफलता हासिल करने के लिए विशेष कार्य योजना है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक मेहनत करते हुए सभी स्कूलों में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करने के लिए गंभीरतापूर्वक अधिक प्रयास की जाए। बोर्ड परीक्षा में अच्छे रिजल्ट के लिए बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पाठ्यक्रम के हिसाब से शिक्षकों द्वारा बच्चों को निरंतर मार्गदर्शन एवं लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरणा दी जाए। इसी आधार पर जिले में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए इस वर्ष गौरव गरियाबंद अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर अग्रवाल ने इस अभियान के तहत बनाए गए कार्य योजना को एकरूपता के साथ जिले के सभी स्कूलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। जिससे बोर्ड परीक्षा परिणाम में जिले की रैंकिंग में बेहतर सुधार परिलक्षित होगा। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के. सारस्वत, जिला समन्वयक के.एस. नायक सहित सभी बीईओ एवं प्राचार्यगण मौजूद रहे।
गौरव गरियाबंद अभियान के बारे में जानकारी देते हुए जिला नोडल मनोज केला ने बताया कि स्कूलों में बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए एक्स्ट्रा क्लास, रेमेडियल क्लास संचालित कर शत प्रतिशत परिणाम के लिए कार्य योजना बनाये गये है। दिसम्बर तक बोर्ड परीक्षाओं के पाठ्यक्रम जिले के सभी स्कूलों में पूर्ण कराये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पश्चात मिशन 40 दिन के तहत जनवरी और फरवरी माह में विशेष रूप से बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमों का रिवीजन कराया जायेगा। उन्होंने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि अच्छे परिणाम के लिए शुरू से ही विद्यार्थी एवं शिक्षकों की उपस्थिति की मॉनिटरिंग की जायेगी। कम उपस्थिति वाले स्कूलों का चिन्हांकन कर सुधार के लिए प्राचार्यो को आवश्यक निर्देश दिये जायेंगे। बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए गौरव गरियाबंद अभियान के तहत बच्चों की सीखने की गुणवत्ता, स्टूडेंट डायरी, साप्ताहिक एवं मासिक टेस्ट तथा तिमाही, छमाही परीक्षा बोर्ड स्तर के आयोजित करने की विशेष कार्य योजना है। इससे बच्चों की बेहतर तैयारी हो सकेगी। कमजोर बच्चों के लिए विशेष क्लास लगाये जायेंगे। 15-20 बच्चों के लिए मेंटर शिक्षक बनाये जायेंगे, जो कि बच्चों को विशेष तौर पर पढ़ाई के लिए प्रोत्सहित करेंगे। अभियान के तहत बच्चों को ऑनलाईन एवं स्मार्ट क्लास के भी माध्यम से अत्याधुनिक शैक्षणिक गतिविधियों से पढ़ाई में मदद किया जायेगा। इसके अलावा बच्चों को विशेष रूप से नीट, जेईई, मेरिट स्कॉलरशिप एवं अन्य प्रकार के प्रतियोगी तथा प्रवेश परीक्षाओं की भी तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया जायेगा। बेहतर परिणाम वाले स्कूल्स को जिला स्तर से प्रोत्साहित किया जाएगा। कमतर परीक्षा परिणाम वाले स्कूल्स में जिम्मेदारी तय की जाएगी। कमतर परिणाम वाले संस्था की बीईओ द्वारा सतत मॉनिटरिंग एवं परिणाम विश्लेषण कर रणनीति बनाकर कार्य करने पर जोर दिया जाएगा।

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