जंगल जाकर अब नहीं लाना पड़ेगा घास-फूस, पक्का मकान पाकर मंगलू बिरहोर हुआ खुश

जंगल जाकर अब नहीं लाना पड़ेगा घास-फूस, पक्का मकान पाकर मंगलू बिरहोर हुआ खुश

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बिरहोर समुदाय के मंगलू को अब तेज आंधी बारिश में छत के उड़ जाने का नहीं रहा डर

रायपुर// बारिश का मौसम आते ही जंगल में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के मंगलू बिरहोर की परेशानी बढ़ जाती थी। वह हर बारिश और तूफान में यही मिन्नते करता था कि हे भगवान…इस बार ज्यादा बारिश न हो..ज्यादा तूफान न चले..ताकि घास-फूस का बना उनका आशियाना सुरक्षित रहे..। अपने आशियाने के उजड़ जाने को लेकर हर साल बारिश और तूफान के मौसम में तनाव में रहने वाले मंगलू बिरहोर ने ऐसे कई साल कठिनाइयों में भी गुजारे..क्योंकि बारिश और तूफानों के आगे उनकी मिन्नते काम न आई। तेज बारिश से घर का कोना-कोना भीगता रहा तो कभी तेज हवाओं से घास-फूस से बने घर की छत उजड़ते रहे और वह हर बार जंगल जाता और घासफूस लाकर बहुत ही संघर्ष से अपना आशियाना बनाता रहा। साल दर साल वह सिर्फ वह मेहनत मजदूरी से घर का खर्च चलाने रुपये ही जुटा पाया लेकिन अपने मकान को खपरैल वाले एक अच्छे घर में भी तब्दील नहीं कर पाया। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन वह पक्के मकान में भी रहेगा, लेकिन अब जब पीएम जनमन से पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है और मंगलू परिवार सहित उसमे रहने लगा है तो उनका और उनके परिवार की खुशियां पक्के मकान के भीतर से लेकर जंगल तक नजर आने लगी है।

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विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा प्राप्त सरंक्षित जनजाति, जिनका मुख्यतः निवास शहर से दूर पहाड़ों, वनांचलों में मिट्टी, खपरैल व घास फूस से बना होता है, जो सामाजिक व आर्थिक रूप से इतने सशक्त नहीं है कि वे अपने लिए पक्की छत की व्यवस्था कर सकें, रोजी मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले ऐसे समुदाय के लोग केवल अपना गुजारा ही कर पाते है, परंतु पक्के आवास निर्माण की सोच में ही उनकी पूरी उम्र गुजर जाती है। योजनांतर्गत पाली विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भण्डारखोल में निवासरत बिरहोर जनजाति के मंगलू राम के पक्के आवास का सपना सच हुआ है। मंगलू को अब तेज आंधी तूफान में छत के उड़ जाने, बारिश में पानी टपकने या दीवारों के ढहने का डर नहीं रहता, न ही उसे जहरीले सांप और बिच्छू के घर में घुसने का चिंता रही। अब वह अपनी माँ और बीवी बच्चों के साथ निश्चिंत होकर नए घर मे जीवन निर्वाह कर रहा है। मंगलू ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास योजना बहुत ही फायदेमंद है। योजना से उनके जैसे अनेक पिछड़े परिवारों का खुद के पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है।

मंगलू राम ने बताया कि वर्ष 2023-24 में आवास निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ ही उसने उत्साहपूर्वक घर बनाने का काम प्रारंभ किया, काम आगे बढ़ने के साथ ही किश्त की राशि भी उसके खाते में समय-समय पर आती रही। देखते ही देखते उसका आवास पूर्ण हो गया एवं अब उनका परिवार अपने नए घर में खुशी-खुशी रह रहे हैं। मंगलू राम ने बताया कि पीएम आवास बनने के बाद उसके जीवन स्तर में सुधार के साथ ही उसके बेहतर जिंदगी गुजारने का सपना साकार हुआ है। साथ ही वह सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेकर उसका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बन रहा है और अपने अच्छे भविष्य के लिए आशावान है। मंगलू राम ने आर्थिक रूप से कमजोर समुदाय के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर उनके सामाजिक उत्थान के लिए चलाए जा रहे इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।