छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिवर्ष राज्योत्सव में मिलेगा पुरस्कार!

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की घोषणा:छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिवर्ष राज्योत्सव में मिलेगा पुरस्कार

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छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने पर है विशेष जोर

मुख्यमंत्री विश्व पर्यटन दिवस पर सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में हुए शामिल

रायपुर //मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के एक निजी होटल में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने आगामी वर्ष से राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को प्रतिवर्ष राज्योत्सव के अवसर पर पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की। सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड और छत्तीसगढ़ ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के पर्यटन विभाग का सूत्रवाक्य अतिथि देवो भवः है। इस कार्यक्रम में जुटे सभी अतिथियों का मैं इसी भाव से अभिनंदन करता हूँ। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आज छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन द्वारा सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लस कार्यक्रम का सुंदर आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी ने इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुंदर विचार रखे। छत्तीसगढ़ में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आए आपके उपयोगी सुझावों पर विचार कर हम इन्हें अमल में लाएंगे।यह हमारे लिए बहुत गौरव की बात है कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने इस साल देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटक गांवों की सूची में हमारे बस्तर के डूडमारास गांव को एडवेंचर टूरिज्म तथा चित्रकोट गांव को कम्युनिटी बेस्ट गांव की सूची में पहला स्थान दिया। सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव की सूची में सरोधादादर को जगह मिली है।

विश्व पर्यटन संगठन द्वारा इस वर्ष की थीम, पर्यटन एवं शांति निर्धारित की गई है। वैश्विक स्तर पर संघर्ष और विभाजन के माहौल में इस थीम की बहुत प्रासंगिकता है। शांति के साथ सतत विकास की दिशा में सामाजिक और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में पर्यटन की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।

पूरी दुनिया में सतत एवं रिस्पांसिबल टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा है ताकि हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी निरंतर ठोस कदम बढ़ा सकें। बस्तर में टूरिज्म बढ़ेगा तो प्राकृतिक सुंदरता को भी सहेजने में मदद मिलेगी। इनसे हजारों लोगों के आजीविका का अवसर भी पैदा होगा।

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हमारा राज्य ऐतिहासिक, पुरातात्विक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों के साथ गौरवशाली प्राचीन लोक संस्कृति का भी अद्वितीय उदाहरण है। देश के ऐसे बहुत कम राज्य हैं जो कि प्रकृति द्वारा इतने समृद्ध हैं जितना कि हमारा छत्तीसगढ़।
छत्तीसगढ़ राज्य का एक बड़ा भाग सघन वनों से घिरा हुआ है। शानदार जलप्रपातों से लेकर मुग्ध कर देने वाले वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान तक आप जिस भी आकर्षण के बारे में सोचेंगे वह सब आपको छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगा।

राज्य में पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय समुदाय को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। हमारी कोशिश है कि पर्यटन को स्थानीय गतिविधियों और अनुभव के साथ जोड़कर रोजगार के अवसरों को और अधिक विस्तारित किया जाए। छत्तीसगढ़ राज्य में प्राकृतिक रुप से वाइल्ड लाइफ टूरिज्म, एग्री टूरिज्म, मेडिकल टूरिज्म, रुरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वॉटर टूरिज्म आदि की अपार संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तीर्थ स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं अधोसंरचना विकास के लिए लाई गई प्रसाद योजना के माध्यम से मां बम्लेश्वरी का तीर्थ डोंगरगढ़ नये सिरे से सज संवर रहा है।

ट्राइबल टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत तेरह टूरिस्ट डेस्टिनेशन में ईको एथनिक पर्यटन की थीम पर पर्यटन सुविधा विकसित की गई है।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के द्वारा चित्रकोट बस्तर में वन विभाग के सहयोग से नेचर ट्रेल का विकास किया गया है। इसका संचालन स्थानीय महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किया जा रहा है। इससे उन्हें आजीविका भी मिल रही है।

हम राज्य में पांच शक्तिपीठ को जोड़ते हुए सर्किट विकसित कर रहे हैं। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत बिलासपुर और जगदलपुर डेस्टिनेशन के पर्यटन स्थलों का विकास होगा।

केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना से पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। इस योजना के तहत देश के चयनित मुख्य स्थलों में जशपुर जिले के मयाली लोकेशन का भी चयन किया गया है।मुझे पूरा विश्वास है कि इस आयोजन में आप सबकी सहभागिता से छत्तीसगढ़ राज्य के पर्यटन विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ेगा और हमारा राज्य वैश्विक पर्यटन के मानचित्र में अपना विशेष स्थान दर्ज करेगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड द्वारा हिंदी भाषा में प्रकाशित कॉफी टेबल का विमोचन किया गया।छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने आईआरसीटीसी और छत्तीसगढ़ टूरिस्म बोर्ड के मध्य एमओयू भी संपादित किया गया तथा डाक विभाग द्वारा पोस्ट कार्ड का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित फोटोग्राफी, लेखन, क्विज और रील्स प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।

सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केटप्लेस कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य, निदेशक डाक सेवाएं छत्तीसगढ़ सर्कल दिनेश मिस्त्री, छत्तीसगढ़ ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल जैन सहित मध्य भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।