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सफलता की कहानी : जमाने से कदम से कदम मिलाकर चलने की शुरूआत पहाड़ी कोरवा बंधन ने की पक्के मकान के साथ

जंगल के करीब रहकर भी कीड़े-मकोड़ों या जानवरों का डर अब नहीं सताता

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अम्बिकापुर/ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से आने वाले बंधन का पक्का मकान बन गया है। बंधन कहते हैं कि आज दुनिया आगे बढ़ रही है, हमें भी जमाने से कदम से कदम मिलाकर चलना होगा और इसकी शुरूआत पक्के घर से कर रहे हैं। शासन ने हमें और हमारे जैसे कई परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है। ये हमारी जिम्मेदारी है कि इसमें सहयोगी बनें। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को आज अपना खुद का पक्का मकान मिल रहा है।
बंधन बताते हैं कि मेहनत-मजदूरी कर जीवन बिताने वाले लोगों के लिए स्वयं के मकान का सपना देखना भी सोच से परे था, पर आज प्रधानमंत्री आवास योजना उस सपने को पूरा कर रही है।
बंधन आगे बताते हैं कि उन्हें जब पीएम जनमन योजना की जानकारी मिली तो उसके बारे में जानने की उत्सुकता जगी। फिर पता चला कि सरकार की अलग-अलग योजनाओं को जोड़कर ये एक योजना बनी है जिसमें हमारी तरह विभिन्न विशेष पिछड़ी जनजातियों को उनके बसाहट क्षेत्रों में घर, पानी, बिजली, सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों की मदद से आवेदन किया और उन्हें मकान बनाने हेतु वर्ष 2023-24 में स्वीकृति मिली। देखते ही देखते उनका एक सुंदर सपनों का घर बनकर तैयार हो गया। पहले कच्चे घर में बरसात के दिनों में पानी टपकने, दीवारों में सीलन, कीड़े-मकोड़े की समस्या बनी रहती थी। वहीं हर मौसम में अलग-अलग समस्या का सामना करते जीवन गुजर रहा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हम जैसे गरीबों के उत्थान के लिए जो योजनाएं लेकर आए हैं, उनसे हमें बड़ी राहत मिली है। मैं तो अपने सगे-सम्बन्धियों, आस-पड़ोसियों को भी योजनाओं के बारे में बताता हूं, ताकि वो भी लाभान्वित हो सकें।

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