कलेक्टर लंगेह ने ली समय सीमा की बैठक: प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

कलेक्टर लंगेह ने ली समय सीमा की बैठक: प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

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महासमुंद// जिले में प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने 25 फरवरी 2025 को समय सीमा की बैठक आयोजित की। यह बैठक निर्वाचन कार्यों की समाप्ति के पश्चात प्रशासनिक कार्यों को पुनः गति देने, किसानों के पंजीयन में तेजी लाने, राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, औद्योगिक निरीक्षण, तथा बिना अनुमति डीजे बजाने पर कार्रवाई जैसे विषयों पर केंद्रित रही।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि विकासखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान कलेक्टर लंगेह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यों की समाप्ति के बाद अब प्रशासन को पुनः अपनी सामान्य कार्यशैली में लौटकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

इस विस्तृत रिपोर्ट में बैठक के मुख्य बिंदुओं, लिए गए निर्णयों, प्रशासन की आगामी रणनीतियों और जनता की अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है।

बैठक में कलेक्टर लंगेह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता अपनी समस्याओं और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए पहुंचती है, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी ही नहीं बल्कि मैदानी अमला भी सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहे। इस आदेश को लागू कराने के लिए प्रभारी अधिकारियों को कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बिना किसी ठोस कारण के देरी से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान किसानों के पंजीयन की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को समय पर मिले, इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना आवश्यक है।

उन्होंने एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत “फार्मर रजिस्ट्री ऐप” एवं पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। इस कार्य में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया।

कलेक्टर ने बताया कि अब तक 18,437 किसानों का पंजीयन हो चुका है, लेकिन अभी भी कई किसान इससे वंचित हैं। इसलिए प्रशासन को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे स्वयं भी “एग्रीटेक ऐप” के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं ताकि उन्हें सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल सके।

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कलेक्टर लंगेह ने धान उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शेष 2 लाख 60 हजार क्विंटल धान का उठाव आगामी 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर धान उठाव न होने से खाद्य आपूर्ति प्रणाली प्रभावित हो सकती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

धान खरीदी और उठाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो, इसके लिए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने वर्तमान में जारी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जिले में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन किया जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के डीजे बजाने पर तत्काल जप्ती की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिया गया कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और जिले में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

बैठक में कलेक्टर लंगेह ने राजस्व विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी विवाद, नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए नियमित शिविर लगाए जाएं और जनता को जागरूक किया जाए कि वे समय पर अपने दस्तावेज पूर्ण कराकर विभाग में जमा करें।

बैठक में श्रम एवं उद्योग विभाग की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर लंगेह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले के औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां श्रम कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं।

इसके अलावा, उन्होंने जिले में नए उद्योगों की संभावनाओं की भी समीक्षा की और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया।

कलेक्टर ने बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल और जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त शिकायतों और मांगों की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

इसके अलावा, विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का समय सीमा में जवाब देने के निर्देश भी दिए गए।

समय सीमा की बैठक में लिए गए निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि कलेक्टर लंगेह प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने, किसान पंजीयन में तेजी लाने, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, धान उठाव की प्रगति को बनाए रखने, औद्योगिक निरीक्षण करने और जनसमस्याओं का समाधान करने के लिए निर्देश दिए हैं।

इस बैठक के परिणामस्वरूप जिले में प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की संभावना है और आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इन निर्देशों को कितनी प्रभावी रूप से लागू करता है और जिले में विकास कार्यों की गति कितनी तेज होती है।