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“ईडी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का महाआंदोलन, 3 मार्च को रायपुर में घेराव”

ईडी की कार्यवाही के खिलाफ कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन, 3 मार्च को रायपुर में घेराव की तैयारी

रायपुर, 01 मार्च 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कथित पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्यवाही के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के सभी जिलों में ईडी का पुतला दहन कर विरोध जताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर ईडी विपक्षी दलों को दबाने के लिए काम कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत कांग्रेस ने 3 मार्च को राजधानी रायपुर में स्थित ईडी कार्यालय के घेराव की घोषणा की है।

प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि ईडी द्वारा मांगी गई जानकारी पहले ही पार्टी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने ईडी दफ्तर में जाकर सौंप दी थी, बावजूद इसके उन्हें नौ घंटे तक जबरन बैठाए रखा गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि ईडी को राजनीतिक दलों के खर्चों और पार्टी कार्यालयों के निर्माण का ब्यौरा लेने का इतना ही शौक है, तो वह केवल कांग्रेस तक सीमित क्यों है? क्या ईडी भाजपा के खर्चों की भी जांच करेगी?

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में ईडी केवल विपक्षी दलों को टारगेट कर रही है। उन्होंने मांग की कि यदि ईडी निष्पक्ष रूप से काम कर रही है, तो वह भाजपा के 150 करोड़ रुपये की लागत से बने कुशाभाऊ ठाकरे परिसर की जांच करे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह परिसर फाइव स्टार होटल की तरह बनाया गया है, और ईडी को यह जांच करनी चाहिए कि इसका फंड कहां से आया।

इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने रायपुर के एकात्म परिसर की जमीन मात्र 1 रुपये में प्राप्त की थी, जो बाद में एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में तब्दील कर दिया गया। पार्टी ने कहा कि भाजपा इस परिसर से हर महीने 1.5 करोड़ रुपये किराये के रूप में वसूलती है। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या ईडी इसकी भी जांच करेगी?

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आज पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, भिलाई, बेमेतरा, राजनांदगांव, कवर्धा, जगदलपुर, सुकमा, नारायणपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया सहित कई जिलों में ईडी का पुतला दहन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और ईडी के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी का कहना है कि ईडी भाजपा के इशारे पर काम कर रही है और उसकी कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

राज्यभर में विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने अब ईडी के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा की है। 3 मार्च को दोपहर 12 बजे राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र होंगे और वहां से ईडी दफ्तर का घेराव करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह घेराव भाजपा सरकार और ईडी की मिलीभगत के खिलाफ एक निर्णायक कदम होगा।

कांग्रेस ने कहा कि अगर ईडी को राजनीतिक दलों के वित्तीय मामलों की जांच करनी है, तो उसे निष्पक्ष रूप से सभी पार्टियों पर एक समान कार्रवाई करनी चाहिए। केवल विपक्ष को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए खतरा है।

इस आंदोलन के साथ ही छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस ने ईडी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त रही है और जांच से बचने के लिए ऐसे विरोध प्रदर्शन कर रही है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि ईडी की कार्रवाई निष्पक्ष होती, तो भाजपा की वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच होती। पार्टी ने ऐलान किया कि जब तक ईडी अपनी कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं दिखाती और विपक्ष को निशाना बनाना बंद नहीं करती, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ में इस मुद्दे पर सियासी माहौल गर्म हो गया है। आगामी दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि 3 मार्च को रायपुर में होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन का क्या असर होता है और ईडी व भाजपा इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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