छत्तीसगढ़ में पुलिस कस्टडी में हो रही मौतों पर टी.एस. सिंहदेव ने भाजपा सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ में पुलिस कस्टडी में हो रही मौतों पर टी.एस. सिंहदेव ने भाजपा सरकार को घेरा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत में मौतों के बढ़ते मामलों पर कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने मंगलवार को अपने ट्विटर हैंडल से कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए धमतरी जिले में एक युवक की हिरासत में हत्या को “अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और शर्मनाक” करार दिया।

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टी.एस. सिंहदेव ने अपने ट्वीट में लिखा,
“छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में पुलिस कस्टडी में लगातार हो रही हत्याएं अत्यंत गंभीर, चिंताजनक और शर्मनाक हैं। धमतरी में युवक की हिरासत में जंजीरों से पीट-पीटकर हत्या पुलिस की बर्बरता और सरकार की नाकामी का सबूत है। यह पाँचवीं हिरासत में मौत है—क्या प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है?”

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उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की। साथ ही, हिरासत में होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की भी आवश्यकता जताई।

भाजपा सरकार पर निशाना

टी.एस. सिंहदेव ने आगे कहा कि “कानून का राज सर्वोपरि है – कैदी अपराधी हो या निर्दोष, यह तय करने और दंड देने का अधिकार सिर्फ और सिर्फ न्यायालय का है।”

उनके इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

कानूनी प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत में हो रही मौतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई पर राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।