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भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I लॉन्च के लिए तैयार, PM मोदी ने किया उद्घाटन

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I पेश: PM मोदी बोले—“युवा शक्ति ने स्पेस सेक्टर में नई उड़ान भरी”

भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने गुरुवार को देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-I’ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अत्याधुनिक रॉकेट और कंपनी के नए इनफिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया।

स्काईरूट की सफलता: 2018 में दो IITians ने शुरू की थी कंपनी

स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने वर्ष 2018 में की थी। दोनों IIT पासआउट और ISRO के पूर्व वैज्ञानिक रहे हैं।
उनकी तुलना भारत के ‘इलॉन मस्क’ से की जा रही है, क्योंकि जिस तरह मस्क की SpaceX निजी स्पेस मिशन कर रही है, उसी तरह स्काईरूट भारत में तेजी से प्राइवेट स्पेस सेक्टर को आगे बढ़ा रही है।

कंपनी ने इससे पहले

  • 2022 में विक्रम-S नाम का सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 100 किमी ऊंचाई तक गया था।
  • अब विक्रम-I एक पूरा ऑर्बिटल रॉकेट है, जो पृथ्वी की कक्षा में उपग्रह स्थापित करेगा।

PM मोदी का संदेश: “आप दोनों ने जोखिम उठाकर देश को गौरवान्वित किया”

पीएम मोदी ने स्काईरूट के युवा संस्थापकों की तारीफ करते हुए कहा—

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“आप दोनों ने खुद पर भरोसा किया, रिस्क उठाने से पीछे नहीं रहे। इसका परिणाम आज देश के सामने है। भारत आपकी इस उपलब्धि पर गर्व करता है।”

उन्होंने कहा कि भारत की स्पेस यात्रा सीमित संसाधनों से शुरू हुई थी, लेकिन आज निजी इनोवेशन की ताकत से नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है।

PM ने यह भी कहा कि—

  • भारत में 300 से अधिक स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हैं
  • अधिकतर स्टार्टअप कुछ लोगों की छोटी टीमों से शुरू हुए
  • आज भारत का युवा हर अवसर का सही इस्तेमाल कर रहा है

स्पेस सेक्टर में बड़े बदलाव: सरकार ने खोले नए अवसर

PM मोदी ने कहा कि बदलते समय के साथ भारत ने स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए—

  • स्पेस सेक्टर को प्राइवेट इनोवेशन के लिए खोला
  • नई स्पेस पॉलिसी बनाई
  • स्टार्टअप्स को ISRO के अनुभव और सुविधाओं से जोड़ने की शुरुआत की

उन्होंने कहा कि स्काईरूट का इनफिनिटी कैंपस भारत की नई सोच और इनोवेशन क्षमता का प्रतिबिंब है।

क्या है विक्रम-I रॉकेट?

  • यह रॉकेट 7 मंजिला बिल्डिंग जितना ऊंचा है
  • 2026 में लॉन्च किया जाएगा
  • 300 किलोग्राम तक सैटेलाइट ले जाने में सक्षम
  • उच्च तकनीक वाले लॉन्च व्हीकल के रूप में विकसित

हैदराबाद स्थित कंपनी के नए इनफिनिटी कैंपस में रॉकेट के

  • डिजाइन
  • डेवलपमेंट
  • इंटीग्रेशन
  • टेस्टिंग
    का काम होगा।

 

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