कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आज बिहार स्थित प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लगभग 1600 वर्ष पहले जिन ईंटों के बीच शिक्षक और विद्यार्थी रहते थे, वहां खड़ा होना अत्यंत प्रेरणादायक और भावुक करने वाला अनुभव है।
शशि थरूर ने कहा कि भारत ने दुनिया को पहला विश्वविद्यालय दिया था, जहां दूर-दराज़ देशों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने इस ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत को एक बार फिर वैश्विक ज्ञान गुरु बनना होगा।















