Aaj Ka Panchang 23 June 2026: आज दुर्गा अष्टमी और मंगलवार का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय






आज का पंचांग: 23 जून 2026 | संपूर्ण दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त और ग्रह गोचर

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वैदिक दैनिक पंचांग: आज का पंचांग (23 जून 2026)

दिनांक: 23 जून 2026, मंगलवार | स्थान: उत्तर-मध्य भारत (मानक समय)


1. आज का पंचांग – मुख्य घटक (Core Panchangam)

भारतीय सनातन संस्कृति में समय की गणना के लिए पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बनता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज 23 जून 2026 के इन पांचों अंगों की विस्तृत ज्योतिषीय गणना नीचे दी गई है:

अंग (Element) विवरण (Details) समय / अवधि (Timing / Duration)
तिथि (Tithi) आषाढ़ मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि रात 09:42 बजे तक (तत्पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ)
वार (Day) मंगलवार (Mangalwar) सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
नक्षत्र (Nakshatra) हस्त नक्षत्र (Hasta) शाम 05:14 बजे तक (तत्पश्चात चित्रा नक्षत्र प्रारंभ)
योग (Yoga) वरीयान योग (Variyan) दुपहर 02:35 बजे तक (तत्पश्चात परिघ योग प्रारंभ)
करण (Karana) विष्टि / भद्रा (Vishti)
बव (Bava)
सुबह 09:22 बजे तक
रात 09:42 बजे तक (तत्पश्चात बालव करण)
विशेष टिप्पणी: आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज के दिन भद्रा सुबह 09:22 बजे तक रहेगी। शास्त्रानुसार भद्रा काल में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, इसलिए कोई भी नया कार्य इस समय के बाद ही प्रारंभ करें।

2. सूर्योदय, चंद्रोदय और गणनाएं (Sun & Moon Timings)

सूर्य और चंद्रमा की गतियां ही हमारे दैनिक जीवन और मानसिक चेतना को प्रभावित करती हैं। आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त का सटीक समय इस प्रकार है:

खगोलीय घटना समय (सटीक भारतीय समयानुसार) राशियों की स्थिति
सूर्योदय (Sunrise) सुबह 05:24 ए एम सूर्य देव वर्तमान में मिथुन राशि में विराजमान हैं।
सूर्यास्त (Sunset) शाम 07:22 पी एम सायंकालीन संध्या का समय देव आराधना के लिए उत्तम है।
चंद्रोदय (Moonrise) दोपहर 12:50 पी एम (23 जून) चंद्रमा आज दिन-रात कन्या राशि में संचरण करेंगे।
चंद्रास्त (Moonset) रात 01:12 ए एम (24 जून) रात्रि कालीन साधना के लिए अनुकूल समय।

3. शुभ मुहूर्त और श्रेष्ठ समय (Auspicious Timings)

सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, व्यवसाय आरंभ, गृह प्रवेश या यात्रा की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त को देखा जाता है। आज के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

मुहूर्त का नाम प्रारंभ समय समाप्ति समय महत्व व फल
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:56 ए एम दोपहर 12:51 पी एम दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त। इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं।
अमृत काल सुबह 10:45 ए एम दोपहर 12:25 पी एम दीर्घकालिक निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सर्वोत्तम।
विजय मुहूर्त दोपहर 02:42 पी एम दोपहर 03:38 पी एम वाद-विवाद, कोर्ट-कचहरी के मामलों और व्यावसायिक सौदों के लिए शुभ।
गोधूलि मुहूर्त शाम 07:20 पी एम शाम 07:42 पी एम घर में दीप प्रज्वलन और लक्ष्मी आराधना के लिए उत्तम समय।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:04 ए एम सुबह 04:44 ए एम योग, ध्यान, मंत्र दीक्षा और अध्ययन के लिए परम पवित्र समय।

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4. अशुभ समय और वर्जित काल (Inauspicious Timings)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ समय खंड ऐसे होते हैं जिनमें राहु और अन्य तामसिक ऊर्जाएं प्रबल होती हैं। इन अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए:

वर्जित काल प्रारंभ समय समाप्ति समय सावधानी / उपाय
राहुकाल (Rahukaal) दोपहर 03:52 पी एम शाम 05:37 पी एम इस समय में कोई भी नया आर्थिक लेन-देन या यात्रा शुरू न करें।
यमगंड (Yamaganda) सुबह 08:54 ए एम सुबह 10:38 ए एम मृत्यु के देवता का समय। इस काल में मांगलिक कार्य पूर्णतः वर्जित हैं।
गुलिक काल (Gulik Kaal) दोपहर 12:23 पी एम दोपहर 02:07 पी एम इस समय किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है।
दुर्मुहूर्त (Durmuhurtam) सुबह 08:12 ए एम सुबह 09:07 ए एम इस अवधि में भी शुभ कार्यों को टालना ही श्रेयस्कर माना गया है।

5. आज का दिशाशूल और यात्रा विचार (Disha Shool & Travel Guide)

मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल होता है। इसका अर्थ है कि आज के दिन उत्तर दिशा की ओर लंबी दूरी की यात्रा करना कष्टकारी हो सकता है या कार्य में व्यवधान आ सकता है।

यात्रा के लिए विशेष उपाय:

यदि आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा करना अत्यंत अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:

  • घर से निकलते समय थोड़ा सा गुड़ या घी खाकर और पानी पीकर निकलें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी के चरणों का सिंदूर अपने माथे पर लगाएं।
  • यात्रा की शुरुआत में कम से कम पांच कदम विपरीत दिशा (दक्षिण) की ओर चलें, उसके बाद उत्तर की ओर बढ़ें।

6. आज का व्रत, त्योहार और धार्मिक महत्व (Festivals & Vrat)

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। इसे कई क्षेत्रों में दुर्गा अष्टमी के रूप में भी मनाया जाता है।

आषाढ़ शुक्ल अष्टमी का महत्व:

आज के दिन मां दुर्गा के स्वरूपों की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। चूंकि आज मंगलवार भी है, इसलिए आज शक्ति और भक्ति का अनूठा संयोग बन रहा है। आज मां भवानी और हनुमान जी की संयुक्त आराधना से कुंडली का मंगल दोष शांत होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।

7. ज्योतिषीय ग्रह स्थिति और गोचर (Astrological Planetary Positions)

आज ब्रह्मांड में ग्रहों की स्थिति इस प्रकार है, जो सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन, व्यापार और स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी:

  • सूर्य (Sun): मिथुन राशि में (मृगशिरा नक्षत्र)
  • चंद्रमा (Moon): कन्या राशि में (हस्त नक्षत्र के प्रभाव में)
  • मंगल (Mars): मेष राशि में (स्वराशि में होने से पराक्रम में वृद्धि होगी)
  • बुध (Mercury): मिथुन राशि में (स्वराशि में बुधादित्य योग का निर्माण)
  • गुरु (Jupiter): वृषभ राशि में (स्थिरता और ज्ञान के प्रदाता)
  • शुक्र (Venus): कर्क राशि में (भौतिक सुखों में विस्तार)
  • शनि (Saturn): कुंभ राशि में (अपनी मूलत्रिकोण राशि में शश महापुरुष योग)
  • राहु (Rahu): मीन राशि में और केतु (Ketu): कन्या राशि में

8. आज का सरल मंत्र और दैनिक उपाय (Daily Remedies)

आज मंगलवार और हस्त नक्षत्र के संयोग का लाभ उठाने के लिए जातकों को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

महामंत्र: “ॐ अं अंगारकाय नमः” अथवा “ॐ हं हनुमते नमः” का 108 बार लाल चंदन की माला से जाप करें।

आज का विशेष उपाय: आज तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें थोड़ा सा लाल चंदन और गुड़ मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके साथ ही बंदरों को गुड़ और चना खिलाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होते हैं।


॥ जय श्री राम | जय हनुमान ॥