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बरसात में बिजली करंट से कैसे बचें? CSPDCL ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन





बरसात में बिजली दुर्घटनाओं से सुरक्षा: CSPDCL की वृहद जन-जागरूकता संदर्शिका


विशेष जन-जागरूकता एवं प्रशासनिक कवरेज | छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड

बरसात के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं पर अंकुश: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने जारी की व्यापक सुरक्षा एडवाइजरी

राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के उपभोक्ताओं के लिए विशेष गाइडलाइन; लापरवाही पड़ सकती है भारी, सजगता से बचेगा जीवन

राजनांदगांव/अम्बिकापुर: मानसून के आगमन के साथ ही जहां एक ओर झुलसती गर्मी से आम जनमानस को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियां और जनहानि के खतरे भी तेजी से बढ़े हैं। वर्षा ऋतु के दस्तक देते ही ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में आकाशीय बिजली, तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली के खंभों के उखड़ने, हाई-टेंशन (HT) और लो-टेंशन (LT) लाइनों के टूटने तथा घरेलू उपकरणों में करंट प्रवाहित होने की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की जाती है। अधिकांश मामलों में पाया गया है कि ये हादसे तकनीकी खामियों से अधिक बुनियादी सुरक्षा नियमों के प्रति अज्ञानता, लापरवाही और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी के कारण होते हैं। इन गम्भीर आपदाओं और अप्रत्याशित हादसों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के ध्येय से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के राजनांदगांव क्षेत्र ने चारों जिलों के नागरिकों के लिए एक विस्तृत तकनीकी एवं व्यवहारिक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष नियमों का पालन करने की पुरजोर अपील की गई है।

१. मानसून जनित विद्युत आपदाएं: बुनियादी कारण एवं प्रशासनिक चिंताएं

वर्षाकाल की शुरुआत होते ही वायुमंडल में आर्द्रता यानी नमी का स्तर अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है। जल और नमी, दोनों ही विद्युत के सर्वोत्तम सुचालक हैं। यही कारण है कि सूखे मौसम की तुलना में बरसात के दिनों में करंट का फैलाव बहुत तेजी से और व्यापक दायरे में होता है। तेज हवाओं के चलते पेड़ों की डालियां टूटकर ओवरहेड बिजली तारों पर गिर जाती हैं, जिससे तार टूटकर जमीन पर या जलभराव वाले क्षेत्रों में आ गिरते हैं। ऐसे में यदि कोई नागरिक अनजाने में उस क्षेत्र से गुजरता है, तो वह सीधे तौर पर जानलेवा करंट की चपेट में आ जाता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारों प्रमुख जिलों—राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में भौगोलिक विविधताओं के कारण विद्युत अधोसंरचना का एक बहुत बड़ा जाल फैला हुआ है। ग्रामीण अंचलों में खेतों के बीच से गुजरने वाली विद्युत लाइनें और वनांचल क्षेत्रों में घने वृक्षों के बीच से जाने वाले तार मानसून के दौरान विशेष रूप से संवेदनशील हो जाते हैं। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जरा सी असावधानी अथवा विद्युत उपकरणों के साथ की गई अनधिकृत छेड़छाड़ किसी भी परिवार के लिए जीवनभर का मातम बन सकती है। इसलिए सुरक्षा दूरी बनाए रखना और तय प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है।

🚨 आपातकालीन विद्युत सहायता केंद्र (24×7) 🚨

किसी भी प्रकार के तार टूटने, खंभे गिरने या स्पार्किंग की स्थिति में तुरंत इन माध्यमों पर सूचना दें:

टोल फ्री नंबर: 1912

डिजिटल शिकायत हेतु: ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप्लीकेशन या अपने नजदीकी वितरण केंद्र/जोन कार्यालय से संपर्क करें।

२. उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य सावधानियां: विद्युत कंपनी की विस्तृत मार्गदर्शिका

विद्युत दुर्घटनाओं को पूरी तरह से शून्य पर लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ताओं के लिए कतिपय महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का कड़ाई से पालन करके न केवल स्वयं को बल्कि संपूर्ण समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है:

  • गुणवत्तापूर्ण उपकरणों का चयन: घरेलू, व्यावसायिक अथवा कृषि कार्यों के लिए सदैव प्रामाणिक और आईएसआई (ISI) मार्क वाले विद्युत उपकरणों, तारों, स्विचों और कट-आउट्स का ही चयन करें। घटिया या स्थानीय स्तर पर निर्मित सस्ते तारों का उपयोग करने से वे अत्यधिक भार या नमी के कारण पिघल जाते हैं और पूरे घर की दीवारों में करंट फैलने का खतरा पैदा हो जाता है।
  • बाड़ और कंटीले तारों में करंट प्रवाहित करने पर पूर्ण प्रतिबंध: ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि प्रधान अंचलों में यह देखा गया है कि कतिपय किसान अपनी फसलों को आवारा पशुओं या जंगली जानवरों से बचाने के लिए अपनी बाड़ी अथवा खेतों के चारों ओर लगाए गए कंटीले तारों में अवैध रूप से सीधे बिजली की लाइनों से करंट प्रवाहित कर देते हैं। विद्युत विभाग ने इसे पूरी तरह से गैर-कानूनी, अनधिकृत और जघन्य अपराध घोषित किया है। इस कृत्य से न केवल मूक पशुओं की बल्कि अनजाने में वहां से गुजरने वाले इंसानों की भी जान जा सकती है। यदि ऐसी कोई भी घटना प्रकाश में आती है, तो संबंधित खेत या बाड़ी के मालिक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।
  • अनधिकृत सुधार कार्यों पर रोक: विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों, फीडरों अथवा अन्य वितरण उपकरणों में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या व्यवधान आने पर आम नागरिक या स्थानीय अप्रशिक्षित लाइनमैन स्वयं उसे सुधारने का प्रयास कतई न करें। खंभे पर चढ़कर फ्यूज बांधना या ट्रांसफार्मर की हैंडल से छेड़छाड़ करना जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी खराबी की स्थिति में केवल और केवल विभाग के अधिकृत तकनीकी कर्मचारियों को ही सूचित करें।
  • विद्युत लाइनों के नीचे निर्माण कार्यों का निषेध: कई स्थानों पर देखा गया है कि नागरिक हाई-टेंशन या लो-टेंशन लाइनों के ठीक नीचे अथवा उनके अत्यंत समीप स्थायी या अस्थायी मकान, शेड, दुकान या बाउंड्री वॉल का निर्माण कर लेते हैं। यह अत्यधिक खतरनाक है। हवा के झोंकों या तकनीकी कारणों से तारों के आपस में टकराने पर निकलने वाली चिंगारियां ऐसे निर्माणों पर गिरकर भीषण आग का रूप ले सकती हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे विद्युत लाइनों से हमेशा एक सुरक्षित और निर्धारित दूरी बनाए रखें।
  • जमीन पर गिरे तारों से दूरी: यदि आंधी-तूफान या भारी बारिश के कारण कोई भी बिजली का तार टूटकर जमीन पर, सड़क पर या किसी के परिसर में गिरा हुआ पाया जाता है, तो कौतूहलवश या हटाने के उद्देश्य से उसके पास जाने की गलती न करें। उस तार से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और वहां से गुजरने वाले अन्य राहगीरों एवं बच्चों को भी दूर रहने की सख्त हिदायत दें। इसकी सूचना बिना एक पल गंवाए स्थानीय लाइनमैन, कनिष्ठ अभियंता या टोल-फ्री नंबर 1912 पर दें ताकि ग्रिड से तत्काल विद्युत प्रवाह बंद कराया जा सके।
  • जल निकायों से सुरक्षा: वर्षाकाल में नदी, नाले, तालाब और रास्ते के गड्ढे पानी से लबालब भर जाते हैं। यदि ऐसे किसी जलभराव वाले स्थान या जलाशय में बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ दिखाई दे, तो उस पानी के भीतर जाने, तैरने या मवेशियों को उतारने का दुस्साहस न करें। पानी में करंट का प्रवाह बहुत तेजी से फैलता है और दूर खड़े व्यक्ति को भी अपनी चपेट में ले सकता है। तत्काल विभाग को सूचित कर वहां सुरक्षा घेरा तैयार करवाएं।
  • अवैध हुकिंग और बिजली चोरी पर अंकुश: मुख्य विद्युत लाइनों से सीधे हुकिंग डालकर बिजली का उपयोग करना न केवल एक दंडनीय अपराध है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी भूल है। अवैध हुकिंग के कारण तारों पर अत्यधिक लोड पड़ता है, जिससे स्पार्किंग होती है और तार टूटकर नीचे गिर जाते हैं। बरसात में गीली हुकिंग के जरिए खंभों में भी करंट उतर आता है। अतः सदैव वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपभोग करें।
  • कपड़े सुखाने के तारों के संबंध में सावधानी: शहरी और ग्रामीण घरों में अक्सर महिलाएं गीले कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों या खंभे को सहारा देने वाले स्टे वायर (Stay Wire) से लोहे या एल्युमिनियम का तार बांध देती हैं। यह आदत अत्यंत घातक है। यदि खंभे के इंसुलेटर में कोई लीकेज हो या कटी-फटी सर्विस लाइन खंभे को छू रही हो, तो वह करंट सीधे कपड़े सुखाने वाले तार में आ जाता है। कपड़े सुखाने के लिए केवल जूट या प्लास्टिक की रस्सी का उपयोग करें और उसे विद्युत उपकरणों व लाइनों से पर्याप्त दूरी पर बांधें।
  • कटी-फटी सर्विस लाइनों का परित्याग: मुख्य खंभे से उपभोक्ता के घरों तक आने वाली केबल (सर्विस लाइन) यदि कहीं से भी कटी-फटी या जोड़ों वाली हो, तो उसे तुरंत बदलवा लें। बारिश का पानी इन जोड़ों में रिसकर पूरे घर की वायरिंग को शॉर्ट-सर्किट कर सकता है।
  • अस्थायी कनेक्शनों के लिए मानक नियम: कृषि कार्यों, निर्माण स्थलों या धार्मिक आयोजनों के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बिजली कनेक्शनों के लिए कभी भी कटे-फटी केबलों का उपयोग न करें। केबल को जमीन पर बिछाने के बजाय पर्याप्त ऊंचाई और मजबूती वाली सूखी बल्लियों के सहारे ले जाएं ताकि वह जमीन से पर्याप्त ऊपर रहे और नीचे से गुजरने वाले वाहनों या इंसानों को न छुए।
  • बच्चों की विशेष देखरेख: छोटे बच्चों को बिजली के उपकरणों, इनवर्टर, गीले स्विचबोर्ड, खंभों और स्टे वायर के आसपास बिल्कुल भी खेलने न दें। उन्हें खेल-खेल में इन खतरों के प्रति सचेत करें ताकि वे अनजाने में भी किसी असुरक्षित उपकरण के संपर्क में न आएं।

३. आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा: यदि कोई करंट की चपेट में आ जाए तो क्या करें?

यदि अत्यधिक सावधानी बरतने के बावजूद कोई व्यक्ति दुर्भाग्यवश किसी जीवित विद्युत तार या उपकरण के संपर्क में आ जाता है और उसे करंट लग जाता है, तो वहां उपस्थित अन्य व्यक्तियों को घबराने के बजाय अत्यंत ठंडे दिमाग और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। एक छोटी सी सही जानकारी और त्वरित निर्णय पीड़ित व्यक्ति की जान बचा सकता है। इस संबंध में निम्नलिखित प्राथमिक चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए:

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⚠️ जीवन रक्षक आपातकालीन कदम (Life-Saving Steps)

कदम १: जैसे ही आप किसी को करंट की चपेट में देखें, सबसे पहला कार्य यह करें कि मुख्य स्विच (Main Switch) या एमसीबी (MCB) को ढूंढकर तुरंत बंद कर दें ताकि पूरे परिसर की विद्युत आपूर्ति ठप हो जाए।

कदम २: यदि मुख्य स्विच ऐसी जगह पर हो जहां पहुंचना तुरंत संभव न हो या स्विच बोर्ड दूर हो, तो पीड़ित व्यक्ति को कभी भी अपने नंगे हाथों से छूकर बचाने का प्रयास न करें। ऐसा करने पर बचाने वाले व्यक्ति के शरीर में भी करंट प्रवाहित होने लगेगा और वह भी हादसे का शिकार हो जाएगा।

कदम ३: पीड़ित को बिजली के तार से अलग करने के लिए किसी सूखी हुई प्लास्टिक की वस्तु, सूखी रस्सी, सूखा मोटा कपड़ा, सूखी लकड़ी (जैसे बांस या डंडा) का ही उपयोग करें। स्वयं सूखी रबर की चप्पल या रबर के जूते पहने रखें और किसी सूखी लकड़ी पर खड़े होकर ही पीड़ित को तार से दूर धकेलें या खींचें।

कदम ४: पीड़ित व्यक्ति को बिजली के संपर्क से मुक्त कराने के पश्चात उसे तुरंत किसी सूखी जमीन, सूखे फर्श या सूखी चटाई पर सीधा लिटा दें। यदि उसकी सांसें धीमी चल रही हों या बंद हो गई हों, तो बिना समय गंवाए उसे कृत्रिम सांस (CPR) देना शुरू करें और छाती को धीरे-धीरे दबाएं।

कदम ५: प्राथमिक उपचार जारी रखते हुए तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करें या पीड़ित को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाने की अविलंब व्यवस्था करें।

४. बिजली कर्मियों की चुनौतियां: प्रतिकूल मौसम में ‘युद्ध स्तर’ पर कार्य

मानसून का समय जहां उपभोक्ताओं के लिए सतर्क रहने का होता है, वहीं बिजली विभाग के मैदानी कर्मचारियों और अभियंताओं के लिए यह समय किसी युद्ध के मैदान से कम नहीं होता। भीषण तपती गर्मी के बाद अचानक आने वाले आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और कड़कती बिजली के बीच विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना एक अत्यंत दुरूह और जोखिम भरा कार्य है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने इस संबंध में अपनी गंभीर चिंताएं और मैदानी हकीकत साझा करते हुए कहा है कि प्रतिकूल मौसम में बिजली कर्मियों पर चौतरफा दबाव होता है। उन्होंने कहा:

“भीषण गर्मी, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश जैसा मौसम हमारे लाइन कर्मचारियों के लिए युद्ध के मैदान जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न करता है। हमारे कर्मचारी अपनी जान हथेली पर रखकर, ऊंचाई पर स्थित खंभों और गीले तारों के बीच काम करते हैं। इस कार्य में जरा सी भी मानवीय चूक या तकनीकी असावधानी न केवल कर्मचारी की जान ले सकती है, बल्कि उन्हें जीवन भर के लिए विकलांग बना सकती है। ऐसी अत्यंत संवेदनशील और विषम परिस्थितियों में उपभोक्ताओं से सहृदय अपील है कि वे संयम बनाए रखें और हमारे लाइन कर्मचारियों के साथ विवाद करने के बजाय उनके सुधार कार्यों में अपना पूर्ण सकारात्मक सहयोग प्रदान करें।”
— शिरीष सेलट, कार्यपालक निदेशक (CSPDCL, राजनांदगांव क्षेत्र)

कार्यपालक निदेशक ने आगे स्पष्ट किया कि जब भी तेज आंधी या बारिश के कारण किसी बड़े फीडर में खराबी (Fault) आती है, तो उस फॉल्ट के वास्तविक स्थान को ढूंढना (Fault Localization) एक बेहद जटिल प्रक्रिया होती है। कई बार खराबियां घने जंगलों, जलभराव वाले खेतों या दुर्गम स्थानों पर स्थित खंभों के बीच होती हैं। भीषण बारिश और घने अंधेरे की परवाह न करते हुए हमारे तकनीकी दल को पेट्रोलिंग करनी पड़ती है। कभी-कभी गड़बड़ी कुछ ही खंभों की जांच में शीघ्र मिल जाती है, तो कभी-कभी फॉल्ट का पता लगाने के लिए पूरे फीडर के सैकड़ों खंभों की एक-एक कर भौतिक जांच करनी पड़ती है। इसमें स्वाभाविक रूप से समय लगना लाजमी है।

अतः विभाग ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि जैसे ही बिजली आपूर्ति बाधित हो, तुरंत पैनिक (Panic) न हों। कम से कम 05 से 10 मिनट तक प्रतीक्षा करें, क्योंकि कई बार आटोमेटिक ट्रिपिंग या सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से ग्रिड से बिजली बंद की जाती है। यदि इसके बाद भी बिजली वापस नहीं आती है, तब शांतिपूर्वक कंपनी के टोल-फ्री नंबर 1912 या ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। आपकी हर एक शिकायत दर्ज होती है और उस पर क्रमानुसार कार्रवाई की जाती है।

५. विभाग की पूर्व-मानसून तैयारियां: अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण

वरषाकाल के औपचारिक आगाज से पहले ही छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने अपने स्तर पर व्यापक तैयारियां और एहतियाती कदम उठाए हैं। राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी उप-संभागों और वितरण केंद्रों में व्यापक स्तर पर ‘प्री-मानसून मेंटेनेंस ड्राइव’ (Pre-Monsoon Maintenance Drive) चलाया गया है। इसके तहत विभाग द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य शत-प्रतिशत पूरे किए जा चुके हैं:

  • पेड़ों की छंटाई (Tree Trimming): विद्युत तारों के संपर्क में आने वाली वृक्षों की टहनियों और डालियों को चिन्हित कर उनकी व्यापक छंटाई की गई है ताकि हवा चलने पर वे तारों पर न गिरें।
  • फीडरों और ट्रांसफार्मरों की जांच: सभी मुख्य पावर ट्रांसफार्मरों और डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों के ऑयल लेवल, अर्थिंग सिस्टम और कट-आउट्स की गहन जांच की गई है। जहां भी अर्थिंग कमजोर पाई गई, वहां नए अर्थ वायर स्थापित किए गए हैं।
  • जर्जर तारों और खंभों का प्रतिस्थापन: विभिन्न सरल और ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हित किए गए ढीले और जर्जर तारों को कसने का कार्य किया गया है तथा कमजोर हो चुके बिजली के खंभों को नए कंक्रीट के खंभों से बदला गया है।
  • आपातकालीन सामग्री का भंडारण: किसी भी बड़ी आपदा से निपटने के लिए सभी जोन कार्यालयों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर, केबल, खंभे, इंसुलेटर और सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में आरक्षित (Buffer Stock) रखवाए गए हैं ताकि कम से कम समय में आपूर्ति बहाल की जा सके।

बिजली आधुनिक जीवन की एक अनिवार्य आवश्यकता है, परंतु इसके साथ जुड़ा खतरा भी उतना ही वास्तविक है। बरसात का मौसम खुशहाली और हरियाली लेकर आता है, लेकिन हमारी एक छोटी सी लापरवाही इस खुशहाली को जीवनभर के गम में बदल सकती है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव क्षेत्र द्वारा जारी की गई यह विस्तृत एडवाइजरी मात्र कागजी निर्देश नहीं है, बल्कि यह हर एक नागरिक के जीवन की रक्षा का रक्षा-कवच है।

राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिलों के समस्त सम्मानित उपभोक्ताओं से प्रदेश खबर नेटवर्क भी यह पुरजोर अपील करता है कि विद्युत सुरक्षा को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। अपने घरों की वायरिंग की जांच किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से करवाएं, गीले हाथों से उपकरणों को न छुएं, खेतों में करंट कतई न फैलाएं और संकट के समय संकेत मिलते ही बिजली कर्मचारियों का सहयोग करें। याद रखें, आपका जीवन न केवल आपके लिए बल्कि आपके पूरे परिवार और समाज के लिए अत्यंत अमूल्य है। थोड़ी सी सजगता और जागरूकता से हम एक सुरक्षित, समृद्ध और दुर्घटना-मुक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं। बिजली विभाग के दिशा-निर्देशों का सम्मान करें, सुरक्षित रहें और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

विशेष समाचार डेस्क रिपोर्ट: प्रदेश खबर न्यूज नेटवर्क (Pradesh Khabar News Network)
स्रोत संदर्भ: आधिकारिक जनहित विज्ञप्ति, छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL), राजनांदगांव क्षेत्र।
नोट: बिजली संबंधी किसी भी तात्कालिक शिकायत या आपातकाल के लिए केवल आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1912 पर ही संपर्क करें।


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