MP News: मध्य प्रदेश में रोजगार और कौशल विकास की बड़ी तैयारी, मुख्यमंत्री मोहन यादव के अहम निर्देश






मध्य प्रदेश में रोजगार और कौशल विकास के नए आयाम: मुख्यमंत्री मोहन यादव की समीक्षा बैठक के बड़े निर्णय

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मध्य प्रदेश में कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की समीक्षा बैठक, युवाओं और महिलाओं के लिए खोले संभावनाओं के द्वार

स्थान: भोपाल (मंत्रालय)
दिनांक: 24 जून, 2026
विभाग: कौशल विकास और रोजगार विभाग, मध्य प्रदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में सतत रूप से नवाचारों (Innovations) की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक और पुराधरोहर से संबंधित पर्यटन क्षेत्र अत्यधिक समृद्ध है और इस समृद्धि का सीधा लाभ राज्य के युवाओं को रोजगार के रूप में मिलना चाहिए। पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए गाइड व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने तथा प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक एवं आधुनिक व्यंजनों का आनंद दिलवाने के लिए कार्य की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को बड़ी संख्या में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कौशल विकास और रोजगार विभाग की गतिविधियों तथा आगामी योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कौशल विकास और रोजगार विभाग को पर्यटन विभाग के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर इस कार्य को धरातल पर उतारना चाहिए। इसी तर्ज पर राज्य सरकार के विभिन्न विभाग आपसी समन्वय और नवाचारों के माध्यम से युवाओं के लिए नए रोजगारपरक अवसर सृजित कर सकते हैं।

“शासकीय और निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे रोजगार, पूरे राज्य की समेकित उपलब्धि हैं। हर विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से दी जा रही सेवाओं और उनके माध्यम से सृजित नए रोजगारों का एक संपूर्ण और व्यापक संकलन (Samagra Report) तैयार किया जाए, ताकि राज्य की उपलब्धियों को एक नजर में देखा और समझा जा सके।” – मुख्यमंत्री मोहन यादव

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और फैक्ट्री परिसर में आईटीआई

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि प्रदेश में सीधे औद्योगिक संस्थानों या फैक्ट्रियों के परिसर के भीतर भी प्रशिक्षण संस्थाएं संचालित की जा सकती हैं। इससे प्रशिक्षणार्थियों को सीधे काम के माहौल में सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और बाजार की बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए ही आवश्यक ट्रेड निर्धारित किए जाएं और युवाओं के लिए प्रशिक्षण के पुख्ता प्रबंध किए जाएं।

कौशल विकास और रोजगार विभाग के प्रमुख ऐतिहासिक नवाचार

समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों द्वारा विभाग के स्तर पर किए गए विभिन्न नए प्रयोगों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी गई। विभाग ने युवाओं, विशेषकर महिलाओं और तकनीकी क्षेत्र के विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

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  • परम फाउंडेशन के तहत संचालन: राज्य में एक विशेष नवाचार के अंतर्गत 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का संचालन परम फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आया है।
  • युवा संगम और प्रतिभा सम्मान: प्रदेश के युवाओं को एक मंच प्रदान करने के लिए प्रति माह ‘युवा संगम’ का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
  • महिलाओं के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण: महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उन्हें परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष महिला ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
  • आईटीआई में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण: राज्य सरकार ने महिलाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। वर्ष 2025 से आईटीआई में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के कोटे को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 35 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • विदेशी भाषा प्रशिक्षण: मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर दिलाने के लिए संस्थानों में विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनके विदेश में रोजगार पाने की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
  • मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण: युवाओं को राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उनके हुनर को वैश्विक मानकों के अनुरूप निखारा जा रहा है।

आंकड़ों की जुबानी: कौशल विकास क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां

बैठक में विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट में पिछले कुछ वर्षों में दर्ज की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों के आंकड़े साझा किए गए। मध्य प्रदेश ने प्लेसमेंट, समावेशी विकास और अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं:

क्र.सं. प्रमुख योजना / अभियान / क्षेत्र प्राप्त उपलब्धियां और महत्वपूर्ण आंकड़े
1 दिव्यांगजन सशक्तिकरण (वर्ष 2025) 490 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न संस्थाओं में प्रवेश देकर मुख्यधारा से जोड़ा गया।
2 रोजगार और प्लेसमेंट ड्राइव (गत 2 वर्ष) विभागीय प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से 18,403 प्रशिक्षणार्थियों को निजी क्षेत्रों में रोजगार मिला।
3 ‘आईटीआई चलो अभियान’ (वर्ष 2025) अब तक के इतिहास में सर्वाधिक रिकॉर्ड तोड़ 49,402 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
4 जनजातीय महिला प्रशिक्षण (UN Women सहयोग) 12 जनजातीय बहुल जिलों की 2,127 महिलाओं को विशेष रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया।
5 राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड मध्य प्रदेश के तीन उत्कृष्ट प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
6 युवा संगम कार्यक्रम का लाभ प्रदेश भर के लगभग सवा तीन लाख (3.25 लाख) आवेदकों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया।
7 आईटीआई सीटों में कुल वृद्धि (2 वर्ष) वर्ष 2025 में 3,484 सीटें और वर्ष 2026 में 2,356 सीटें बढ़ीं; इस प्रकार कुल 5,840 सीटों की वृद्धि हुई।

वैश्विक स्तर पर चमका मध्य प्रदेश का नाम

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के युवाओं ने न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में इस वर्ष राज्य के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में देश में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा, विभाग द्वारा युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसी का परिणाम है कि फ्रांस में आयोजित प्रतिष्ठित ‘अंतर्राष्ट्रीय वर्ल्ड स्किल स्पर्धा 2024’ में मध्य प्रदेश के होनहार युवा संस्कार शर्मा ने सायबर सिक्योरिटी स्किल में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘मेडालियम ऑफ एक्सीलेंस’ हासिल किया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय स्तर की स्पर्धाओं में मध्य प्रदेश को 44 पदक और राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में 8 पदक प्राप्त करने की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है।

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क, भोपाल

भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। वर्ष 2024 से इस विश्वस्तरीय पार्क में रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे 9 आधुनिक लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि के) कोर्स सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने इस पार्क के लिए आगामी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत **वर्ष 2026-27 में ग्लोबल पार्क, भोपाल में 3 हजार सर्टिफिकेशन (प्रमाणन) का महत्वाकांक्षी लक्ष्य** तय किया गया है। इसके साथ ही, प्रदेश के 10 संभागीय आईटीआई को ‘हब इंस्टीट्यूट’ के रूप में विकसित कर ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) और प्लेसमेंट सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

भविष्य का रोडमैप: मुख्यमंत्री द्वारा जारी किए गए 5 प्रमुख निर्देश

बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करते हुए ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए:

  1. सतत कौशल विकास: प्रदेश में कौशल विकास से जुड़ी तमाम गतिविधियां बिना किसी रुकावट के निरंतर और सुचारू रूप से संचालित की जानी चाहिए।
  2. कस्टम-मेड कोर्स डिजाइन: औद्योगिक संस्थानों और स्थानीय बाजारों की व्यावहारिक आवश्यकताओं को गहराई से आंका जाए और उसी के अनुरूप नए कोर्स डिजाइन करके युवाओं को ऑन-डिमांड प्रशिक्षण दिया जाए।
  3. पाक कला और गाइड प्रशिक्षण को प्राथमिकता: मध्य प्रदेश की पर्यटन क्षमताओं को भुनाने के लिए खान-पान तैयार करने (पाक कला प्रशिक्षण / कैटरिंग) और प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण को विशेष प्राथमिकता सूची में रखा जाए।
  4. रेशम और शहतूत उत्पादन से जुड़ाव: कोसा वस्त्रों के निर्माण के लिए मध्य प्रदेश में मजबूत बुनियादी ढांचा (Infrastructure) पहले से उपलब्ध है। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से युवाओं को शहतूत उत्पादन और रेशम कीट पालन जैसी कृषि-आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
  5. लघु एवं कुटीर उद्योगों का ‘गुना मॉडल’: गुना जिले में जैकेट बनाने का कार्य आज पूरे राज्य के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुका है। इसी तरह की आर्थिक लाभ देने वाली अनेक गतिविधियां घर बैठे या स्थानीय स्तर पर लघु और कुटीर उद्योगों के माध्यम से संचालित की जा सकती हैं। युवाओं को इन क्षेत्रों से जोड़ने के लिए ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं।

इस व्यापक समीक्षा के बाद यह साफ है कि मध्य प्रदेश सरकार परंपरागत रोजगारों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, कुटीर उद्योग और पर्यटन को मिलाकर एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिससे राज्य का युवा न केवल कुशल बनेगा बल्कि रोजगार प्रदाता (Job Creator) की भूमिका में भी सामने आएगा।