छत्तीसगढ़ श्रम विभाग का बड़ा फैसला: पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, चूकने पर बंद हो जाएगा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ; जानें पूरी प्रक्रिया
श्रम विभाग की इस नई नीति को लेकर राज्य भर के श्रम कार्यालयों में विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए श्रम पदाधिकारी सुश्री जयंती बंसल ने स्पष्ट किया है कि विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक ही सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही भविष्य में हितग्राही श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्य मंडल के अंतर्गत आने वाली विभिन्न महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
श्रम पदाधिकारी सुश्री जयंती बंसल की श्रमिकों से अपील
श्रम पदाधिकारी सुश्री जयंती बंसल ने जिले के सभी क्षेत्रों में कार्यरत पंजीकृत श्रमिकों से इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेने को कहा है। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपील की है:
उन्होंने यह भी जोड़ा कि डेटा मिलान और प्रमाणीकरण की यह प्रक्रिया बेहद आसान है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद श्रमिकों को विभागीय योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि सीधे और बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के प्राप्त होती रहेगी।
ई-केवाईसी के लिए निर्धारित शुल्क और आवश्यक दस्तावेज
विभाग ने श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पूरी प्रक्रिया के लिए बेहद नॉमिनल या न्यूनतम शुल्क तय किया है। श्रमिकों को ई-केवाईसी अपडेट कराने के लिए अधिक राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश एवं विवरण:
- निर्धारित शुल्क: लोक सेवा केंद्र अथवा च्वाइस सेंटर के माध्यम से प्रति हितग्राही ई-केवाईसी शुल्क मात्र 20 रुपये निर्धारित किया गया है।
- क्यों है जरूरी: श्रमिक पंजीयन कार्ड (लेबर कार्ड) में दर्ज विवरण का आधार कार्ड (Aadhaar Card) के डेटा के साथ मिलान और सत्यापन करना।
- किसका होगा केवाईसी: मुख्य पंजीकृत श्रमिक के साथ-साथ उनके पंजीयन कार्ड में नामांकित परिवार के सभी आश्रित सदस्यों का भी ई-केवाईसी कराना आवश्यक है।
आधार कार्ड से मिलान के लिए जारी है विशेष अभियान
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले दो मुख्य मंडलों – छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लाखों की संख्या में श्रमिक पंजीकृत हैं। वर्तमान में विभाग द्वारा इन पंजीकृत श्रमिकों के पंजीयन विवरण को उनके आधार कार्ड से शत-प्रतिशत मैच (मेल) कराने के लिए पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अक्सर देखा गया है कि कई श्रमिकों के लेबर कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि या पते का विवरण उनके आधार कार्ड से अलग होता है। इस विसंगति के कारण बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाने वाली सहायता राशि अटक जाती है। इस ई-केवाईसी अभियान के जरिए सभी त्रुटियों को सुधारा जा रहा है ताकि भविष्य में कोई तकनीकी समस्या न आए।
ई-केवाईसी कराने की पूरी प्रक्रिया: श्रमिक कैसे करें अपडेट?
श्रमिक भाइयों और बहनों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करके अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करा सकते हैं:
| चरण (Steps) | प्रक्रिया का विवरण (Process Details) |
|---|---|
| 1. केंद्र का चयन | अपने घर के सबसे नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (CSC), लोक सेवा केंद्र (LSK) या अधिकृत च्वाइस सेंटर पर जाएं। |
| 2. आवश्यक दस्तावेज | अपने साथ अपना मूल ‘आधार कार्ड’, ‘श्रम विभाग का पंजीयन कार्ड’ (लेबर कार्ड) और पंजीकृत ‘मोबाइल नंबर’ अवश्य लेकर जाएं। |
| 3. बायोमेट्रिक सत्यापन | च्वाइस सेंटर संचालक को अपना विवरण दें। वे फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) या मोबाइल ओटीपी के माध्यम से आपका ई-केवाईसी फॉर्म सबमिट करेंगे। |
| 4. शुल्क भुगतान | प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद संचालक को शासन द्वारा तय ₹20 का सेवा शुल्क प्रदान करें और पावती लें। |
ई-केवाईसी न कराने पर किन योजनाओं का लाभ रुक सकता है?
श्रम विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी दर्जनों योजनाएं चलाई जा रही हैं। ई-केवाईसी नहीं होने की स्थिति में निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं का लाभ अटक सकता है:
- मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना: बुजुर्ग श्रमिकों को मिलने वाली एकमुश्त वित्तीय सहायता।
- नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक मिलने वाली सालाना छात्रवृत्ति।
- भगिनी प्रसूति सहायता योजना: महिला श्रमिकों या श्रमिक परिवारों की महिलाओं को प्रसूति के दौरान मिलने वाली आर्थिक मदद।
- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना: श्रमिकों की बेटियों की शिक्षा, रोजगार और विवाह के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि।
- श्रमिक दुर्घटना व मृत्यु सहायता योजना: कार्य के दौरान किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना होने पर मिलने वाला बीमा और मुआवजा लाभ।
- अटल करियर निर्माण योजना एवं अन्य कौशल विकास योजनाएं: श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए निःशुल्क कोचिंग और कौशल प्रशिक्षण।
हेल्पलाइन और सहायता केंद्र
यदि किसी श्रमिक को ई-केवाईसी कराने में किसी प्रकार की समस्या आ रही है या च्वाइस सेंटर द्वारा निर्धारित ₹20 से अधिक राशि की मांग की जा रही है, तो वे सीधे अपने जिला श्रम कार्यालय (District Labour Office) में जाकर शिकायत या संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के आधिकारिक ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र’ के टोल-फ्री नंबर 0771-3505050 पर भी कॉल करके आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विभाग ने सभी श्रमिक संगठनों, ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत गरीब और ग्रामीण श्रमिकों को इस महत्वपूर्ण अपडेट के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सूचना के अभाव में अपनी सरकारी सहायता से वंचित न रहे। समय रहते ई-केवाईसी कराना ही सरकार की ‘श्रमेव जयते’ की परिकल्पना को धरातल पर मजबूत बनाएगा।









