नागरिकों को बड़ी राहत: ‘सेवा सेतु पोर्टल’ पर अब विवाह प्रमाण पत्र और नाम परिवर्तन सेवा भी हुई ऑनलाइन, सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
छत्तीसगढ़। जिले के नागरिकों की प्रशासनिक सुविधाओं और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ के महत्वकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सेवा सेतु पोर्टल’ का दायित्व और दायरा बढ़ाते हुए अब इस पर आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के साथ-साथ ‘विवाह प्रमाण पत्र’ (Marriage Certificate) एवं ‘नाम परिवर्तन’ (Name Change) की अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाओं को भी पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया गया है। इस नए बदलाव से नागरिकों को अब इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बनवाने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी।
गौरतलब है कि पूर्व में इन सभी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आम नागरिकों को एक लंबी, जटिल और समय लेने वाली ऑफलाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। लोगों को तहसील कार्यालयों, नगर निगम या जनपद पंचायतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे न सिर्फ उनका समय बर्बाद होता था बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता था। वर्तमान में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की नागरिक-केंद्रित सेवाओं को तेजी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जा रहा है, जिसका सीधा सकारात्मक असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर घनश्याम साहू ने इस तकनीकी अपग्रेडेशन के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन महत्वपूर्ण लोक सेवाओं के ऑनलाइन पटल पर आ जाने से पूरी आवेदन प्रक्रिया न केवल सरल हुई है, बल्कि इसमें अभूतपूर्व पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। अब कोई भी पात्र नागरिक घर बैठे या अपने नजदीकी केंद्र के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकता है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में कड़ा एक्शन
डिजिटल व्यवस्था को प्रशासनिक रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए इसे कानूनन बाध्यकारी भी बनाया गया है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर घनश्याम साहू ने स्पष्ट किया कि ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के तहत इन सभी आवश्यक नागरिक सेवाओं के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है। इस तय समय-सीमा के भीतर ही सभी प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना संबंधित विभागों और अधिकारियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
यदि कोई अधिकारी बिना किसी ठोस तकनीकी या कानूनी कारण के तय समय के भीतर प्रमाण पत्र जारी करने में देरी करता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी जवाबदेही तय करने का प्रावधान इस अधिनियम के अंतर्गत मौजूद है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद अब सभी आवेदनों की वास्तविक स्थिति (Real-time Status) की सख्त ‘निगरानी सीधे जिला कार्यालय स्तर से की जा रही है’। जिला प्रशासन लगातार डैशबोर्ड के माध्यम से लंबित और स्वीकृत आवेदनों की समीक्षा कर रहा है, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाण पत्र जारी करवाए जा रहे हैं।
ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के हितग्राहियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को होने जा रहा है। पहले किसी विवाह के पंजीकरण या नाम में सुधार/परिवर्तन जैसे कार्यों के लिए ग्रामीणों को अपना काम-धंधा छोड़कर, पैसे खर्च कर जिला या ब्लॉक मुख्यालय आना पड़ता था। कई बार संबंधित बाबू या अधिकारी के न मिलने पर उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता था।
अब इस क्रांतिकारी बदलाव के बाद, हितग्राही स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, जिन नागरिकों के पास इंटरनेट की सीधी सुविधा नहीं है या जो तकनीकी रूप से उतने सक्षम नहीं हैं, वे अपने नजदीकी ‘सेवा सेतु केंद्र’ अथवा ‘च्वाईस सेंटर’ पर जाकर बहुत ही मामूली शुल्क के साथ आय, जाति, निवास, विवाह प्रमाण पत्र एवं नाम परिवर्तन सहित अन्य सभी आवश्यक शासकीय सेवाओं हेतु ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकते हैं।
सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध मुख्य सेवाएं और उनके लाभ
सेवा सेतु पोर्टल को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में इस पोर्टल के जरिए आम जनता को मिलने वाले प्रमुख लाभ और सेवाओं का वर्गीकरण इस प्रकार है:
| क्र. | शासकीय सेवा का नाम | पुरानी प्रक्रिया (ऑफलाइन) | नई प्रक्रिया (सेवा सेतु – ऑनलाइन) | नागरिकों को मुख्य लाभ |
|---|---|---|---|---|
| 1 | आय प्रमाण पत्र | तहसील कार्यालय के चक्कर, लंबा इंतजार | पोर्टल/च्वाईस सेंटर से सीधा ऑनलाइन आवेदन | तय समय-सीमा में डिजिटल रसीद और त्वरित सर्टिफिकेट |
| 2 | जाति प्रमाण पत्र | दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन और मैन्युअल फाइलिंग | डिजिटल डेटाबेस एकीकरण और ऑनलाइन ट्रैकिंग | पारदर्शी प्रक्रिया, फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक |
| 3 | निवास प्रमाण पत्र | पटवारी रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार और दौड़भाग | सिस्टम जनरेटेड वर्कफ़्लो और ऑनलाइन अप्रूवल | घर बैठे डाउनलोड करने की आसान सुविधा |
| 4 | विवाह प्रमाण पत्र | स्थानीय निकायों में मैन्युअल फॉर्म और देरी | दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा | नवविवाहित जोड़ों को दफ्तरों के फेरों से पूर्ण मुक्ति |
| 5 | नाम परिवर्तन सेवा | राजपत्र (Gazette) और कार्यालयों के जटिल चक्कर | पोर्टल पर सुव्यवस्थित ऑनलाइन मॉड्यूल | त्रुटिहीन और पारदर्शी तरीके से नाम सुधार/परिवर्तन |
पोर्टल की तकनीकी विशेषताएं और पारदर्शिता
- ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल रसीद: पोर्टल में ट्रेजरी और ई-चालान का सुरक्षित एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक किसी भी सेवा के लिए ऑनलाइन शुल्क का भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकते हैं।
- वास्तविक समय में ट्रैकिंग (Real-time Tracking): आवेदक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति को पोर्टल पर कभी भी ट्रैक कर सकते हैं कि उनकी फाइल किस स्तर पर लंबित है।
- मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: यह आधुनिक पोर्टल नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे इसे समझना और उपयोग करना बेहद आसान हो जाता है।
- भ्रष्टाचार पर अंकुश: मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) न्यूनतम होने के कारण बिचौलियों और अनुचित लाभ लेने वाले तत्वों का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो गया है।
प्रशासन की अपील: डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें नागरिक
जिला प्रशासन और ई-डिस्ट्रिक्ट सेल की ओर से सभी आम नागरिकों, विशेषकर युवा वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों से यह विशेष अपील की गई है कि वे छत्तीसगढ़ शासन की इस अत्यंत महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। नागरिक अपनी किसी भी आवश्यक प्रशासनिक सेवा के लिए किसी शॉर्टकट या बिचौलियों के झांसे में न आएं, बल्कि सीधे ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से प्रामाणिक ऑनलाइन आवेदन दर्ज करें।
सरकार की इस मंशा को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर च्वाईस सेंटर संचालकों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि वे आने वाले किसी भी आवेदक को परेशान न करें और शासन द्वारा निर्धारित शुल्क पर ही पारदर्शिता के साथ फॉर्म सबमिट करें। जिला कार्यालय से की जा रही लगातार मॉनिटरिंग के कारण अब फाइलों के रुकने का चलन बंद हो गया है, जिससे एक नए और आधुनिक छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक छवि उभरकर सामने आ रही है।
Ashish Sinha
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