कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने समय-सीमा की बैठक पश्चात आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश
संवेदनशील संवाद और त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला मुख्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने प्रत्येक आवेदक के पास पहुंचकर उनकी बात को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण किया जाए और नियमानुसार शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर कलेक्टर ने जोर देते हुए कहा कि जनदर्शन केवल शिकायतों के निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शासन और आम जनता के बीच सीधा, सुगम और प्रभावी संवाद स्थापित करने का एक मजबूत मंच है। यह प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र नागरिकों की हर समस्या का समयबद्ध समाधान हो सके।
कलेक्टर के मुख्य दिशा-निर्देश एक नजर में:
- संवेदनशील रुख: प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों पर अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ विचार करें और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।
- कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति: यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
- समयबद्ध निराकरण: प्रकरणों को लंबित न रखते हुए तय समय-सीमा के भीतर उनका संतोषजनक निपटारा किया जाए।
- फीडबैक प्रणाली: आवेदनों का निराकरण होने के पश्चात इसकी अद्यतन जानकारी और सूचना अनिवार्य रूप से संबंधित आवेदकों तक पहुंचाई जाए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोग, विभिन्न विषयों पर सौंपे ज्ञापन
साप्ताहिक जनदर्शन के दौरान जिले के कोने-कोने से विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे थे। इनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजनाओं के सुगमता से लाभ, भूमि विवाद, अतिक्रमण हटाने, पेयजल की उपलब्धता, विद्युत सुधार, स्वास्थ्य सहायता और शिक्षा से जुड़ी मांगें शामिल थीं। कई ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों व पहुंच मार्ग को ठीक कराने के लिए भी आवेदन सौंपे।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की अर्जी देखी। कई मामलों में उन्होंने संबंधित विभाग के मैदानी अधिकारियों को दूरभाष पर ही त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी ताकि जनदर्शन में आने वाली शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
अधिकारियों को दिए गए पेंडिंग प्रकरणों के त्वरित निपटारे के निर्देश
समय-सीमा की बैठक की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पिछले सप्ताहों में लंबित रहे प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को कड़ी चेतावनी और निर्देश देते हुए कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना हर अधिकारी का दायित्व है।
जनदर्शन में मौजूद नागरिकों ने प्रशासन की इस पारदर्शी और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की है। लोगों ने कहा कि कलेक्टर के सीधे संवाद करने के तरीके से आम जनता का प्रशासनिक तंत्र पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। इस साप्ताहिक जनदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिला प्रशासन आम जनता की समस्याओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध और सजग है।













