PDS दुकानों से शक्कर गायब, गरीबों के पेट पर लात मार रही साय सरकार: दीपक बैज का बड़ा हमला, उग्र आंदोलन की चेतावनी
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाली राशन सामग्री की आपूर्ति ठप होने को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश की सरकारी राशन दुकानों से शक्कर गायब होने और गरीबों को बाजार से 60 से 70 रुपए प्रति किलो की महंगी दरों पर शक्कर खरीदने के लिए मजबूर किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि साय सरकार गरीबों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और सुशासन का ढोल पीटने वाली भाजपा सरकार ने गरीबों की थाली से मिठास छीन ली है।
– दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (छत्तीसगढ़)
कागजी दावों के बीच सप्लाई चेन पूरी तरह ठप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अंत्योदय और प्राथमिकता कार्डधारकों को निर्बाध राशन देने का केवल कागजी दावा कर रही है। जमीनी हकीकत यह है कि प्रदेश की हजारों शासकीय उचित मूल्य दुकानों से शक्कर गायब है। सप्लाई चेन का ठप होना और टेंडर प्रक्रिया में लगातार देरी होना सरकार की घोर अक्षमता और प्रशासनिक नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार का पूरा ध्यान गरीबों की चिंता करने के बजाय केवल झूठे प्रचार-प्रसार पर केंद्रित है।
कांग्रेस के मुख्य आरोप और प्रमुख बिंदु:
- महंगी शक्कर का बोझ: PDS में शक्कर न मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बाजार से 60 से 70 रुपए प्रति किलो की महंगी दर पर शक्कर खरीदनी पड़ रही है।
- बस्तर और सरगुजा में राशन संकट: वनांचल जिलों बस्तर और सरगुजा में कई महीनों से चना और गुड़ की आपूर्ति बंद पड़ी है।
- कालाबाजारी का संरक्षण: राशन दुकानों में आपूर्ति ठप करके सरकार सीधे तौर पर मुनाफाखोरों और जमाखोरों को फायदा पहुँचा रही है।
- पूर्ववर्ती सरकार से तुलना: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में PDS व्यवस्था का पारदर्शी संचालन होता था और समय पर शक्कर, नमक, चावल, चना और गुड़ पहुँचता था।
कालाबाजारी और भ्रष्टाचार की बू, मुख्यमंत्री दें जवाब
दीपक बैज ने सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि गरीब विरोधी भाजपा सरकार ने गरीबों की थाली से मिठास छीनकर उनके चूल्हे को ठंडा करने का पाप किया है। जो सरकार गरीबों को समय पर राशन उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सुशासन की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राशन दुकानों में आपूर्ति का अचानक ठप हो जाना महज प्रशासनिक अक्षमता है या इसके पीछे कोई बड़ा भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है?
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार यह बताए कि छत्तीसगढ़ के लाखों प्रभावित परिवारों को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सभी उचित मूल्य दुकानों में शक्कर की सुचारू आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।















