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अमलीडीह के फल मंडी के पीछे दिसंबर 2023 में हुई राहुल टंडन की हत्या के मामले में रायपुर की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश राय की कोर्ट ने तीन आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया

अमलीडीह के फल मंडी के पीछे दिसंबर 2023 में हुई राहुल टंडन की हत्या के मामले में रायपुर की चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश बृजेश राय की कोर्ट ने तीन आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया है।

कोर्ट ने लक्की नेताम, आशीष चंदेल और आशीष यादव उर्फ आशु को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत दोषी माना है। तीनों को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

हालांकि, तीनों आरोपियों को हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप में लगाई गई धारा 201 सहपठित धारा 34 से कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।

कोर्ट ने माना कि जले हुए कपड़ों की बरामदगी तो हुई, लेकिन अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि ये वही कपड़े थे, जो आरोपियों ने घटना के समय पहने थे या इन्हें साक्ष्य मिटाने के लिए जलाया गया था।

FSL रिपोर्ट से भी इस संबंध में निर्णायक पुष्टि नहीं हुई।

21 दिसंबर की रात हुई थी हत्या

अभियोजन के मुताबिक, 21 दिसंबर 2023 की रात करीब 9 बजे राहुल टंडन घर से गुरुघासीदास बाबा जयंती के कार्यक्रम के लिए बैनर-पोस्टर लगाने निकला था। अगले दिन सुबह फल मंडी के पीछे अभियंता भवन के पास राहुल खून से लथपथ मिला।

उसके सिर के पीछे धारदार हथियार से गंभीर चोट थी और उसकी मौत हो चुकी थी। राहुल के पिता की रिपोर्ट पर पहले लक्की नेताम और तुषार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।

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जांच के दौरान पुलिस ने लक्की नेताम से पूछताछ की। अभियोजन के अनुसार, उसके मेमोरेण्डम के आधार पर घटना में इस्तेमाल एक्टिवा और लोहे की कैंची समेत अन्य सामान बरामद किया गया।

CCTV में दो आरोपी राहुल को ले जाते दिखे

मामले की जांच में घटनास्थल के आसपास का CCTV फुटेज भी लिया गया। अभियोजन के अनुसार, फुटेज में आशीष चंदेल और आशीष यादव उर्फ आशु राहुल टंडन को अपने साथ अभियंता भवन के पास ले जाते दिखाई दिए।

जांच के दौरान तुषार के खिलाफ घटना से जुड़ा पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसका नाम प्रकरण से हटा दिया गया।

धारा 201 में क्यों नहीं हुई सजा?

कोर्ट ने जले हुए कपड़ों की बरामदगी को लेकर कहा कि अभियोजन यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सका कि बरामद कपड़े घटना के समय आरोपियों ने पहने थे। किसी गवाह ने भी कपड़ों की पहचान को लेकर स्पष्ट साक्ष्य नहीं दिया।

FSL रिपोर्ट भी इन कपड़ों को आरोपियों या मृतक के खून से निर्णायक रूप से नहीं जोड़ सकी। इसलिए धारा 201 के जरूरी तत्व साबित नहीं हुए और इस आरोप से तीनों को दोषमुक्त कर दिया गया।

तीनों कब से जेल में हैं

  • लक्की नेताम: 22 दिसंबर 2023 से अभिरक्षा में
  • आशीष चंदेल: 22 दिसंबर 2023 से अभिरक्षा में
  • आशीष यादव उर्फ आशु: 8 जनवरी 2024 से अभिरक्षा में

कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार तीनों को हत्या की धारा में दोषसिद्ध करते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है।

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