छत्तीसगढ़ के मुंगेली में हुए डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने सगे भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने देर रात घर में घुसकर सो रहे भाई-भाभी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
मृतकों की पहचान नंदकुमार कश्यप (56) और गौरी बाई कश्यप (52) के रूप में हुई है। वहीं, आरोपी नंदु कश्यप (46) है। दोनों भाई खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना से एक दिन पहले दोनों भाइयों के बीच खेत की मेड़ काटने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने घर के कमरे और अलमारी खोल दी। उसने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी को भी धो दिया और घर के बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। मामला लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर का है।
पढ़िए हत्या की सिलसिलेवार पूरी कहानी…
जानकारी के मुताबिक, 25 अगस्त को नंदकुमार कश्यप के बेटे मोहन कश्यप ने लोरमी थाने में सूचना दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता गांव में रहते थे। 18 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसकी मां से फोन पर बात हुई थी।
इसके बाद मोबाइल का रिचार्ज खत्म हो गया। 23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद जब उसने माता-पिता को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। लगातार संपर्क नहीं होने पर मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा।
24 अगस्त को नंदु कश्यप ने बताया कि घर में बाहर से ताला लगा हुआ है। इसके बाद मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले।
पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोरमी थाने में धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर था विवाद
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नंदकुमार और उसके भाई नंदु के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिवार के पास करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन थी। इसमें दोनों भाइयों को 3-3 एकड़ जमीन मिली थी, जबकि 1 एकड़ जमीन बहन के नाम की गई थी।
करीब 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी। माता-पिता की देखभाल करने के कारण यह जमीन नंदु को मिलने की बात थी। बाद में नंदकुमार ने इस जमीन में आधा हिस्सा मांग लिया। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया और नंदु अपने भाई से रंजिश रखने लगा।
खेत की मेड़ तोड़ने पर और बढ़ा विवाद
16 अगस्त को नंदु अपने खेत में खाद डालकर मेड़ बांधकर घर लौटा था। आरोप है कि नंदकुमार ने मेड़ तोड़ दी, जिससे खाद पानी के साथ बह गई। इस घटना के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद और बढ़ गया। 17 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे नंदु अपने भाई के घर पहुंचा था।
दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदु वापस अपने घर चला गया। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त बुधवार की रात नंदु अपने भाई की हत्या करने के इरादे से कुल्हाड़ी लेकर उसके घर पहुंचा।
वह पड़ोसी की बाड़ी की तरफ से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में घुसा। सीढ़ियों से नीचे उतरने पर उसने देखा कि नंदकुमार और गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग जगह सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार के सिर पर हमला किया।













