आज का पंचांग: 17 सितंबर 2026 (गुरुवार) – मुख्य समाचार व समय गणना
संक्षेप समाचार: आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज अनुराधा नक्षत्र प्रभावी रहेगा और चंद्र देव वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे। दैनिक शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:59 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल दोपहर 02:06 से 03:38 बजे तक रहेगा।
1. आज के पंचांग के मुख्य 5 अंग (Panchang Core Components)
वैदिक ज्योतिष में पंचांग का निर्माण पांच मुख्य तत्वों से मिलकर होता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। आज के पंचांग की गणना इस प्रकार है:
| अंग | विवरण |
|---|---|
| तिथि | षष्ठी तिथि (सुबह 10:49 बजे तक), तत्पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ |
| वार | गुरुवार (Thursday) |
| नक्षत्र | अनुराधा नक्षत्र (शाम 07:53 बजे तक), तत्पश्चात ज्येष्ठा नक्षत्र |
| योग | विश्कुम्भ योग (दोपहर 12:48 बजे तक), तत्पश्चात प्रीति योग |
| करण | तैतिल (सुबह 10:49 तक), गर (रात 11:53 तक), तत्पश्चात वणिज |
2. सूर्य एवं चंद्रमा की गणना (Sun & Moon Timings)
सूर्योदय और सूर्यास्त के सटीक समय के आधार पर ही दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्तों का निर्धारण किया जाता है:
- सूर्योदय: प्रातः 06:06 AM
- सूर्यास्त: सायंकाल 06:24 PM
- चंद्रोदय: सुबह 11:56 AM
- चंद्रास्त: रात्रि 10:07 PM
- सूर्य राशि: सिंह राशि
- चंद्र राशि: वृश्चिक राशि
3. शुभ मुहूर्त और चौघड़िया (Auspicious Timings)
किसी भी मांगलिक कार्य, नए व्यवसाय की शुरुआत, पूजा-पाठ या यात्रा के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
| शुभ समय का नाम | समय अवधि |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:10 PM से 12:59 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:51 AM से 05:39 AM |
| अमृत काल | प्रातः 11:36 AM से दोपहर 01:10 PM |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:15 PM से 03:04 PM |
4. अशुभ समय व वर्जित काल (Inauspicious Timings)
निम्नलिखित अवधियों के दौरान नए अथवा महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ करने से बचना चाहिए:
| अशुभ समय का नाम | समय अवधि |
|---|---|
| राहुकाल | दोपहर 02:06 PM से 03:38 PM |
| यमगण्ड | प्रातः 06:27 AM से 07:59 AM |
| गुलिक काल | प्रातः 09:31 AM से 11:02 AM |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 10:12 AM से 11:01 AM |
5. आज का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। आज के दिन अनुराधा नक्षत्र का योग बनने से यह दिन स्थायित्व और मित्रता से जुड़े कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा आराधना के लिए आज का दिन विशेष फलदायी है।
आज का महा-उपाय: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित होता है। आज के दिन पीले वस्त्र धारण करें और बेसन के लड्डू का भोग लगाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। इससे कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।














